महतारी वंदन योजना पर कांग्रेस की मांग, सभी विवाहित महिलाओं के आवेदन स्वीकार करने की उठाई आवाज

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने महतारी वंदन योजना का पोर्टल दोबारा शुरू किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए सभी विवाहित महिलाओं के आवेदन स्वीकार करने की मांग की है। उन्होंने सरकारी नौकरी और आयकर संबंधी पात्रता शर्तों को हटाने तथा ई-केवाईसी के नाम पर लाभार्थियों के नाम हटाने की प्रक्रिया रोकने की मांग भी की।

Jun 27, 2026 - 13:06
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महतारी वंदन योजना पर कांग्रेस की मांग, सभी विवाहित महिलाओं के आवेदन स्वीकार करने की उठाई आवाज

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l महतारी वंदन योजना का पोर्टल दोबारा शुरू किए जाने के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार से सभी विवाहित महिलाओं को योजना का लाभ देने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार को बिना भेदभाव सभी पात्र विवाहित महिलाओं के आवेदन स्वीकार करने चाहिए और योजना की पात्रता से जुड़ी कुछ शर्तों पर भी पुनर्विचार करना चाहिए।

वंदना राजपूत ने जारी बयान में कहा कि महतारी वंदन योजना का पोर्टल बंद नहीं किया जाना चाहिए था। अब जब सरकार इसे फिर से शुरू कर रही है तो सभी विवाहित महिलाओं को आवेदन करने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने प्रत्येक विवाहित महिला को योजना का लाभ देने का वादा किया था, इसलिए सरकार को अपने वादे के अनुरूप सभी महिलाओं को योजना में शामिल करना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि सरकारी नौकरी और आयकर (इनकम टैक्स) से संबंधित पात्रता की शर्तों को समाप्त किया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। उनका कहना है कि वर्तमान नियमों के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं योजना से वंचित हो रही हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि ई-केवाईसी के नाम पर लगभग पांच लाख महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अभी भी लगभग 20 लाख महिलाओं का ई-केवाईसी पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में नए आवेदन आमंत्रित करने के साथ-साथ केवल ई-केवाईसी के आधार पर नाम हटाने की प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए।

वंदना राजपूत ने कहा कि प्रदेश में लगभग डेढ़ करोड़ विवाहित महिलाएं हैं और चुनावी वादे के अनुसार इनमें से बड़ी संख्या को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले लगभग 70 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिलने का दावा करती रही, लेकिन बाद में लगातार ई-केवाईसी के नाम पर लाभार्थियों की संख्या कम की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में पात्र महिलाओं से नए आवेदन लेने की प्रक्रिया नियमित रूप से नहीं अपनाई गई, जिससे कई योग्य महिलाएं योजना से बाहर रह गईं। कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के हित में कार्य करना चाहती है तो उसे पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ सुनिश्चित करना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि महतारी वंदन योजना के पोर्टल पर सभी विवाहित महिलाओं को आवेदन का अवसर दिया जाए, पात्रता संबंधी प्रतिबंधों की समीक्षा की जाए तथा ई-केवाईसी के कारण लाभार्थियों के नाम हटाने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए।