मिशन वात्सल्य के तहत बाल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान, 270 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

जिला बालोद के गुंडरदेही विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इरागुड़ा में मिशन वात्सल्य के तहत बाल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकार, बाल विवाह, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 270 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

Aug 8, 2026 - 11:37
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मिशन वात्सल्य के तहत बाल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान, 270 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य बाल संरक्षण समिति के निर्देशन में जिला बालोद के गुंडरदेही विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इरागुड़ा में मिशन वात्सल्य एकीकृत बाल संरक्षण सेवाएं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों, अधिकारों और सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई।

जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 तथा बाल अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने बच्चों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने और किसी भी प्रकार की परेशानी अथवा शोषण की स्थिति में तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध से बचाव और डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतना जरूरी है। किसी संदिग्ध परिस्थिति, हिंसा, उत्पीड़न या ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में भरोसेमंद वयस्कों और संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध सहायता के बारे में भी बताया गया। विशेषज्ञों ने समझाया कि संकट या असुरक्षा की स्थिति में बच्चे सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा तंत्र के प्रति सजग बनाना रहा।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य सुषमा पटेल, शिक्षक-शिक्षिकाएं, मास्टर ट्रेनर सुमन देवांगन और गोकुल राम यादव उपस्थित रहे। चाइल्ड हेल्पलाइन की ओर से परियोजना समन्वयक वेदप्रकाश साहू, केस वर्कर कैलाश निषाद और हेमशंकर निर्मलकर ने विद्यार्थियों को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से बाल सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी। जिला बाल संरक्षण इकाई से आउटरीच वर्कर नूतन नेताम ने बाल संरक्षण सेवाओं और सहायता प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।

जागरूकता कार्यक्रम में 118 बालक और 152 बालिकाओं सहित कुल 270 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने बाल सुरक्षा, कानूनी संरक्षण और साइबर जागरूकता से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

मिशन वात्सल्य के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के साथ समाज में बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उन्हें किसी भी संकट की स्थिति में उचित सहायता लेने के लिए सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।