नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और शहीद परिवारों की सहायता में तेजी लाने के निर्देश, 109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण

रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं और शहीद परिवारों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पात्र हितग्राहियों को सहायता दिलाने, पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार और पुनर्वासित युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में राज्य निर्माण से अब तक माओवादी हिंसा में शहीद जवानों एवं नागरिकों की स्मृति में 109 शहीद स्मारक बनाने की योजना की समीक्षा भी की गई। स्मारकों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिससे शहीदों और संबंधित घटनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

Aug 12, 2026 - 13:43
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नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और शहीद परिवारों की सहायता में तेजी लाने के निर्देश, 109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन सभागार में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित युवाओं और माओवादी गतिविधियों से प्रभावित लोगों के लिए संचालित सहायता एवं पुनर्वास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रभावित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने, शहीद परिवारों की सहायता, लंबित प्रकरणों के निराकरण, पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा शहीदों की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने को लेकर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नक्सल हिंसा में शहीद परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति एवं शासकीय सेवा प्रदान की जा चुकी है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति शासन की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि नक्सल प्रभावित परिवारों और पुनर्वासित व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों की वास्तविक स्थिति की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके।

109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण

उप मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के बाद माओवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों और दिवंगत नागरिकों की स्मृति में प्रस्तावित 109 शहीद स्मारकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी स्मारकों के लिए मानक डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान और नक्सल हिंसा की घटनाओं से परिचित कराने का माध्यम बनेंगे। इन स्मारकों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी।

लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान

उप मुख्यमंत्री ने नक्सल हिंसा में प्रभावित ऐसे परिवारों के मामलों की भी समीक्षा की, जिन्हें अब तक शासन की राहत एवं सहायता का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने ऐसे सभी प्रकरणों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने और पात्र हितग्राहियों को निर्धारित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित कोई भी पात्र परिवार शासन की सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाकर लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण किया जाए।

पुनर्वासित युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने पर जोर

पुनर्वासित युवाओं से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने गंभीर मामलों को छोड़कर अन्य प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने दूसरे राज्यों से शस्त्र त्यागकर छत्तीसगढ़ लौट रहे स्थानीय लोगों को पुनर्वास केंद्रों से जोड़ने तथा कौशल विकास का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। अन्य राज्यों के निवासी ऐसे पुनर्वासित युवाओं, जो अपने गृह राज्य लौटना चाहते हैं, उनके लिए संबंधित राज्यों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान

उप मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कलेक्टरों को केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करने और वहां रह रहे लोगों की आवश्यकताओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पुनर्वास केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए। पुनर्वासित लोगों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी आजीविका और समाज में उचित स्थान दिलाना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

शहीदों के सम्मान में नामकरण और सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश

शहीदों की स्मृति को स्थायी रूप से जीवित रखने के लिए स्कूलों, चौक-चौराहों और शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जहां विभागीय अनुमति आवश्यक है, वहां तत्काल अनुमति लेकर नामकरण की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।

बैठक में नक्सल हिंसा में जनहानि के मामलों में क्षतिपूर्ति तथा घायल जवानों एवं नागरिकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा हुई। उप मुख्यमंत्री ने सभी पात्र मामलों में निर्धारित सहायता उपलब्ध कराने और कोई भी पात्र प्रकरण लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए।

50 ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता

इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 ग्रामों में विकास कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने इन ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कर शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ जल्द मिल सके।

बैठक में पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, नक्सल प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, लंबित प्रकरणों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।

बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारिक, सचिव नेहा चंपावत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।