श्यामगिरी में शहीद पूर्व विधायक भीमा मंडावी को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दी श्रद्धांजलि, बोले- बस्तर की जनता जीती, नक्सलवाद हारा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचकर 2019 की नक्सली घटना में शहीद पूर्व विधायक भीमा मंडावी सहित 13 शहीदों को श्रद्धांजलि दी। शहीदों की स्मृति में पौधरोपण किया गया और घटना स्थल से मिट्टी संग्रहित की गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की जनता ने संकल्प के साथ नक्सलवाद को पराजित किया है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर नकुलनार-बचेली मार्ग का नाम शहीद भीमा मंडावी के नाम पर करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचे, जहां उन्होंने 2019 में हुई नक्सली घटना के घटनास्थल पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्थानीय लोगों, चश्मदीदों और स्वर्गीय भीमा मंडावी के सहयोगियों ने उस घटना की भयावह परिस्थितियों की जानकारी मंत्रियों को दी। इस दौरान अरनपुर और श्यामगिरी में हुई घटनाओं में शहीद हुए 13 लोगों की स्मृति में पौधरोपण किया गया।
उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की और शहीद परिवारों से चर्चा कर उन्हें शासन की ओर से मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान तत्कालीन दंतेवाड़ा विधायक और नक्सली हिंसा में शहीद हुए भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी से भी मुलाकात की। शहीदों की स्मृति में सभी ने मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल हिंसा ने बस्तर के अनेक परिवारों को गहरा दर्द दिया है। किसी ने अपना मित्र खोया, किसी ने भाई, पिता, रिश्तेदार या अपना करीबी। उन्होंने नक्सल पीड़ितों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सल हिंसा के कारण लोगों को लंबे समय तक भय और पीड़ा का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए देशवासियों ने बड़ा संघर्ष किया है और अनेक लोगों की शहादत के बाद आज देशवासी गर्व के साथ तिरंगा फहरा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले नक्सलियों के भय के कारण कई स्थानों पर तिरंगा फहराने से लोगों को डराया जाता था, लेकिन अब कोई भी देशवासियों को तिरंगा फहराने से रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि अब भारत का संविधान हर कोने में बिना किसी भय के लागू होगा।
उप मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने घरों में तिरंगा लगाने और पड़ोसियों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो सकता तो सोशल मीडिया पर तिरंगा लगाकर देशभक्ति का संदेश साझा कर सकता है। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता जीत गई है और नक्सलवाद हार गया है। बस्तर की जनता के संकल्प ने नक्सलवाद को जड़ से मिटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है।
ग्रामीणों की मांग पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नकुलनार से बचेली मार्ग का नामकरण शहीद भीमा मंडावी के नाम पर करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश कलेक्टर को दिए।
इस अवसर पर “एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। साथ ही घटना स्थल की मिट्टी को श्रद्धा के रूप में संग्रहित किया गया। कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, आईजी बस्तर बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
समूह की महिलाओं से की चर्चा
उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं बिहान समूह की महिलाओं से भी चर्चा की। उन्होंने महिलाओं को लघु वनोपज प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा छत्तीसकला ब्रांड के अंतर्गत बिहान समूह के उत्पादों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने महिलाओं से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की।
राष्ट्रपति भवन से लौटे बस्तर पंडुम विजेताओं से मुलाकात
मंत्री द्वय ने राष्ट्रपति भवन से लौटे बस्तर पंडुम के विजेता अरनपुर के मांदरी दल की महिलाओं से मुलाकात की और उनके अनुभवों के बारे में चर्चा की। बातचीत के दौरान उप मुख्यमंत्री ने सहज और मजाकिया अंदाज में कहा कि पहले आप दिल्ली में राष्ट्रपति के पास गई थीं, अब राष्ट्रपति भी आपके घर आएंगी और चाय पीएंगी। इस पर महिलाओं ने भी उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि वे चाहती हैं कि राष्ट्रपति बस्तर आएं और वे अपने हाथों से उन्हें भोजन कराएं।