पुनर्वासित युवाओं से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आत्मीय संवाद, साथ बैठकर किया नाश्ता

बीजापुर प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर पुनर्वासित युवक-युवतियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने युवाओं के साथ बैठकर नाश्ता किया, परिवार से जुड़े रहने, कौशल प्रशिक्षण अपनाने और वनोपज आधारित आजीविका से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

Jan 8, 2026 - 17:28
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पुनर्वासित युवाओं से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आत्मीय संवाद, साथ बैठकर किया नाश्ता

UNITED NEWS OF ASIA.रामकुमार भारद्वाज,कोंडागांव | राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने बीजापुर के दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार को पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां रह रहे पुनर्वासित युवक-युवतियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ बैठकर सुबह का नाश्ता किया और उनके दैनिक जीवन, सुविधाओं तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली।

पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए  शर्मा ने युवाओं से कहा कि वे अपने घर-परिवार से निरंतर संपर्क बनाए रखें। उन्होंने बताया कि साप्ताहिक बाजार के दौरान परिजन उनसे मिलने आते हैं, ऐसे में आपसी संवाद और भावनात्मक जुड़ाव बना रहना आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सभी पुनर्वासित युवाओं को निःशुल्क मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके माध्यम से वे नियमित रूप से अपने परिजनों से बात कर सकते हैं।

युवाओं ने बताया कि वे मोबाइल के माध्यम से व्हाट्सएप, यूट्यूब और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उपमुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक में भाग लेने वाले युवाओं से उनके अनुभव साझा किए। कबड्डी, रस्साकसी सहित अन्य खेलों में शामिल युवाओं ने अपने अनुभव बताते हुए उत्साह जाहिर किया।

 शर्मा ने कहा कि बस्तर ओलंपिक के बाद अब ‘बस्तर पंडुम’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 12 विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी। इसमें बस्तर की आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, खान-पान और लोककलाओं का प्रदर्शन होगा। उन्होंने युवाओं से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया, ताकि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सके।

उपमुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्र में संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि कई युवा असाक्षर हैं, जिन्हें साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ा गया है और उन्हें पढ़ाई के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।

इसके साथ ही  शर्मा ने युवाओं से बस्तर के बहुमूल्य वनोपज—इमली, टोरा, महुआ, आंवला, चिरौंजी और तेंदूपत्ता—के संग्रहण और प्रसंस्करण की जानकारी ली। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, मूल्यवर्धन और शासन की योजनाओं से जुड़कर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।