यूपी बजट से किसानों को झटका, सुधांशु तिवारी ने बताई बड़ी कमियां
प्रवक्ता व ज्योतिषाचार्य पंडित सुधांशु तिवारी ने यूपी बजट को किसानों और मध्यम वर्ग के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने केसीसी ब्याज, गन्ना मूल्य और सम्मान निधि में बढ़ोतरी न होने पर सवाल उठाए।
UNITED NEWS OF ASIA. उत्तर प्रदेश बजट को लेकर प्रवक्ता एवं ज्योतिषाचार्य पंडित सुधांशु तिवारी ने किसानों की अपेक्षाओं के अधूरे रहने की बात कही है। उन्होंने कहा कि किसानों को इस बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बजट में उनके हितों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी गई।
पंडित सुधांशु तिवारी ने कहा कि प्रदेश के किसानों को आज भी गन्ने और गेहूं की नई किस्मों के बीज आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर ब्याज दर कम नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जताई। साथ ही गन्ने के मूल्य में वृद्धि नहीं होने को भी किसानों के लिए निराशाजनक बताया। उनके अनुसार बढ़ती लागत और महंगाई को देखते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि दोगुनी की जानी चाहिए थी, लेकिन इस दिशा में भी कोई निर्णय नहीं लिया गया।
हालांकि उन्होंने खेतों की सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली योजना को जारी रखने के फैसले का स्वागत करते हुए सरकार का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों के लिए राहत भरा कदम है।
पंडित सुधांशु तिवारी ने कहा कि यह बजट मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी खास लाभकारी नहीं रहा। उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में बजट बनाते समय किसानों और मध्यम वर्ग की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।