तीन साल से अधूरी पुलिया, उफनती नदी में ढाई साल की मासूम की मौत

दंतेवाड़ा के गमावाड़ा क्षेत्र के मिडकोपारा में करीब तीन साल से अधूरी पड़ी पुलिया के बीच बारिश के दौरान नदी पार करते समय ढाई साल की मासूम प्राची भास्कर तेज बहाव में बह गई। ग्रामीणों ने तलाश के बाद करीब 200 मीटर दूर बच्ची का शव बरामद किया। घटना के बाद अधूरी पुलिया को लेकर ग्रामीणों की सुरक्षा और निर्माण कार्य पूरा होने में हो रही देरी पर सवाल उठ रहे हैं। वर्तमान सरपंच के अनुसार बारिश समाप्त होने के बाद आगामी दो से तीन महीनों में पुलिया का निर्माण पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

Sep 1, 2026 - 18:19
 0  6
तीन साल से अधूरी पुलिया, उफनती नदी में ढाई साल की मासूम की मौत

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l गमावाड़ा क्षेत्र के मिडकोपारा में बारिश के दौरान नदी पार करते समय करीब ढाई साल की मासूम प्राची भास्कर की तेज बहाव में बहने से मौत हो गई। घटना 17 अगस्त की बताई गई है। बच्ची नदी के जिस स्थान से बह गई थी, वहां से करीब 200 मीटर की दूरी पर ग्रामीणों ने तलाश के बाद उसका शव बरामद किया।

बताया गया कि बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बहाव काफी तेज था। इसी दौरान बच्ची को नदी पार कराने की कोशिश की जा रही थी। नदी पार करते समय वह तेज बहाव की चपेट में आ गई और बह गई। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।

घटना के बाद सामने आया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां करीब तीन साल से पुलिया का निर्माण अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद लोगों को इसी रास्ते से नदी पार करने की मजबूरी बनी हुई है। अधूरी पुलिया के कारण बरसात के दौरान ग्रामीणों के लिए यह रास्ता जोखिम भरा हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया निर्माण का काम पूर्व सरपंच के कार्यकाल में शुरू कराया गया था। वर्तमान सरपंच के कार्यकाल में भी निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है और इसमें ग्रामीणों का सहयोग लिया जा रहा है। वर्तमान सरपंच के अनुसार पुलिया का निर्माण नीयद नेल्लार योजना के तहत पूर्व कार्यकाल में शुरू हुआ था। उनका कहना है कि बारिश समाप्त होने के बाद आगामी दो से तीन महीनों में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

मासूम की मौत के बाद अधूरी पुलिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा है कि यदि पुलिया का निर्माण समय पर पूरा हो जाता तो बारिश के दौरान नदी पार करने की मजबूरी से लोगों को राहत मिल सकती थी। हालांकि, हादसे को लेकर उपलब्ध जानकारी में यह निश्चित रूप से नहीं कहा गया है कि पुलिया पूरी होने पर घटना टल जाती।

घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना निर्माण की धीमी गति और बरसात के दौरान सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीण अब चाहते हैं कि अधूरी पुलिया का निर्माण जल्द पूरा हो, ताकि भविष्य में लोगों को उफनती नदी पार करने की मजबूरी का सामना न करना पड़े। मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग यही है कि पुलिया निर्माण को प्राथमिकता के साथ पूरा कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।