टाटा नगर की अनदेखी पर शिवसेना का प्रदर्शन, बीएसपी प्रबंधन को विकास कार्य शुरू करने का अंतिम अल्टीमेटम
भिलाई के वार्ड क्रमांक 36 टाटा नगर की बुनियादी समस्याओं को लेकर शिवसेना जिला इकाई ने बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठन ने सड़क, नाली, पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसे लंबित कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग की। शिवसेना ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में विकास कार्य शुरू नहीं हुए तो महाप्रबंधक के आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मौके पर पुलिस अधिकारियों ने भी स्थिति का संज्ञान लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 36 टाटा नगर की बुनियादी समस्याओं को लेकर शिवसेना जिला इकाई ने बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सड़क, नाली, पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर संगठन की ओर से घेराव आंदोलन किया गया। शिवसेना के अनुसार लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र के नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।
जिला सचिव पंकज नायर के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में शिवसेना कार्यकर्ताओं के साथ टाटा नगर के बड़ी संख्या में नागरिक और बीएसपी कर्मचारी भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। संगठन का कहना है कि टाटा नगर में सड़क और नाली की स्थिति, पानी की समस्या, बिजली व्यवस्था तथा साफ-सफाई जैसे मुद्दों पर लंबे समय से ध्यान देने की जरूरत है।
आंदोलन के दौरान शिवसेना की ओर से बीएसपी प्रबंधन के महाप्रबंधक श्रीनिवास को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में वार्ड क्रमांक 36 में लंबित विकास और जनसुविधा से जुड़े कार्यों को जल्द शुरू कराने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायतें और मांगें सामने रखी गई हैं, लेकिन ठोस पहल नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
शिवसेना ने बीएसपी प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर टाटा नगर में विकास कार्य शुरू नहीं किए गए, तो अगला आंदोलन और अधिक व्यापक होगा। संगठन ने कहा कि अगला धरना-प्रदर्शन संयंत्र कार्यालय के बजाय महाप्रबंधक के निजी आवास के बाहर किया जाएगा। हालांकि किसी भी प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रखना जरूरी है, वहीं संगठन ने इस आंदोलन की स्थिति के लिए बीएसपी प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश संगठन महामंत्री राजेश, जिला अध्यक्ष सम्राट सिंह, नगर अध्यक्ष मुन्ना चौधरी, महिला सेना अध्यक्ष एवं वार्ड 36 की प्रतिनिधि कुरैश खातून, वार्ड 35 अध्यक्ष संध्या निर्मलकर, वार्ड 47 अध्यक्ष उमेश शर्मा और वार्ड 65 अध्यक्ष शिश्न सहित बड़ी संख्या में शिवसैनिक मौजूद रहे। प्रदर्शन में क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए बीएसपी प्रबंधन से जल्द समाधान की मांग की गई।
आंदोलन के दौरान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का संज्ञान लिया। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया पूरी हुई। प्रशासन और पुलिस की भूमिका का उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना रहा।
शिवसेना का कहना है कि टाटा नगर के नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। संगठन ने बीएसपी प्रबंधन से मांग की है कि क्षेत्र की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू किए जाएं। अब देखना होगा कि प्रबंधन की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है और निर्धारित समय सीमा में विकास कार्य शुरू होते हैं या नहीं। फिलहाल टाटा नगर की समस्याओं को लेकर आंदोलन के बाद बीएसपी प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों के बीच मुद्दा चर्चा में है।