सिंगरौली में फुटपाथ अतिक्रमण पर निगम की सख्त कार्रवाई
सिंगरौली नगर पालिक निगम ने आयुक्त सविता प्रधान के निर्देश पर फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रहे दुकानदारों के खिलाफ अभियान चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराया। कुल 6 हजार रुपये का चालानी जुर्माना वसूला गया।
UNITED NEWS OF ASIA.आदर्श तिवारी, सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली ने शहर में फुटपाथ पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सोमवार को सख्त कार्रवाई की। यह अभियान निगम की आयुक्त सविता प्रधान के निर्देशानुसार स्वास्थ्य अधिकारी बी.जी. चतुर्वेदी एवं अतिक्रमण प्रभारी विपिन तिवारी के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में नागरिकों के आवागमन को सुगम बनाना और फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रही दुकानों को हटाकर सार्वजनिक जगह को मुक्त कराना था।
अभियान के दौरान निगम अमले ने नगर निगम कार्यालय से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रखी गई दुकानों की सामग्री जब्त की गई और अतिक्रमण कर रहे दुकानदारों पर कुल 6 हजार रुपये का चालानी जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने बताया कि फुटपाथ पर अतिक्रमण होने से न केवल आमजन की आवाजाही में बाधा आती है, बल्कि यह सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से भी गंभीर समस्या है।
नगर निगम के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि भविष्य में भी फुटपाथ पर अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जाएगी और जो भी दुकानदार नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों का उपयोग नियमों के अनुसार करें और फुटपाथ पर अवैध रूप से सामान न रखें।
इस अभियान के माध्यम से निगम ने यह संदेश दिया कि शहर में नागरिक सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान नगर निगम अमले ने स्थानीय नागरिकों से भी सहयोग मांगा और कहा कि वे अतिक्रमण के मामलों की सूचना तुरंत निगम अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
फुटपाथ अतिक्रमण हटाने का यह अभियान शहर की स्वच्छता, सुरक्षा और नागरिक सुविधा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम है। आयुक्त सविता प्रधान ने आश्वासन दिया कि नगर निगम नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाता रहेगा और शहरवासियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण प्रदान करने के लिए सतत प्रयास करता रहेगा। इस कार्रवाई से नगरवासियों में राहत की भावना उत्पन्न हुई और निगम की कार्यप्रणाली की सराहना की जा रही है।