अंतिम सावन सोमवार पर सरायपाली में निकली 51 और 31 फीट लंबी कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा शहर

महासमुंद जिले के सरायपाली में सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर 51 फीट और 31 फीट लंबी कांवड़ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। कांवड़ियों ने पवित्र जल लेकर भगवान शिव के मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया। सरसीवा रोड कांवड़िया संघ की ओर से रुद्राक्ष शिवलिंग की विशेष झांकी भी प्रस्तुत की गई। आयोजन के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय रहा।

Aug 25, 2026 - 07:47
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अंतिम सावन सोमवार पर सरायपाली में निकली 51 और 31 फीट लंबी कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा शहर

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l महासमुंद जिले के सरायपाली में सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हल्की बारिश और हरियाली के बीच श्रद्धालुओं ने 51 फीट और 31 फीट लंबी कांवड़ यात्रा निकाली। विशाल कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए और हर-हर महादेव तथा बोल बम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी धार्मिक परंपरा के तहत सरायपाली में हर वर्ष सावन के अंतिम सोमवार को भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी भोले भक्तों ने कांवड़ में पवित्र जल भरकर भगवान शिव के मंदिर तक यात्रा की। श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ यात्रा में शामिल हुए। मंदिर पहुंचने के बाद विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया।

जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के चरणों में अपनी श्रद्धा, विश्वास और समर्पण अर्पित किया। यात्रा के दौरान छोटे-बड़े, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी एक साथ शिव भक्ति में लीन नजर आए। कांवड़ यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का भी संदेश दिया।

सरसीवा रोड पतेरपाली रोड कांवड़िया संघ की ओर से इस अवसर पर रुद्राक्ष के शिवलिंग की विशेष झांकी भी प्रस्तुत की गई। झांकी ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया और धार्मिक आयोजन की भव्यता को बढ़ाया। इसके माध्यम से भगवान शिव की महिमा और सनातन संस्कृति का सुंदर संदेश दिया गया।

सरसीवा रोड कांवड़िया संघ के संयोजक एवं मुख्य संचालनकर्ता नवल अग्रवाल और अमरनाथ झा ने बताया कि सरसीवा रोड पतेरपाली रोड से पिछले 18 वर्षों से 31 फीट लंबी कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। कांवड़ यात्रा के साथ प्रत्येक वर्ष भगवान भोलेनाथ से जुड़ी अलग-अलग झांकियां भी प्रस्तुत की जाती हैं।

आयोजकों के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामूहिक आस्था, सामाजिक एकता और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक बन चुकी है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में हर आयु वर्ग के लोग उत्साहपूर्वक शामिल होते हैं और भगवान शिव की आराधना करते हैं।

सावन के अंतिम सोमवार पर निकली विशाल कांवड़ यात्रा के दौरान सरायपाली में चारों ओर हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की।