साल्हेवारा बांध में डूबे दो मासूम, नहाने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, गांव में शोक की लहर

खैरागढ़ के ग्राम ईटार के पास साल्हेवारा बांध में नहाने गए तीन बच्चों में से दो की डूबने से मौत हो गई। एक किशोर किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है।

Mar 3, 2026 - 12:24
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साल्हेवारा बांध में डूबे दो मासूम, नहाने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, गांव में शोक की लहर

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन , खैरागढ़जिला मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम ईटार में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। पास स्थित साल्हेवारा बांध में नहाने गए दो मासूम बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य किशोर किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।

मिली जानकारी के अनुसार मृत बच्चों की पहचान तनिश डहारे (9 वर्ष) और समीर सोनवानी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं, कुलेश्वर सोनवानी (13 वर्ष) इस हादसे में बाल-बाल बच गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बताया गया कि ग्राम ईटार निवासी तीनों बच्चे सोमवार दोपहर बरबसपुर स्थित आटा चक्की में चावल पिसाने के लिए घर से निकले थे। काम निपटाने के बाद वे पास ही स्थित साल्हेवारा बांध की ओर चले गए। तेज गर्मी से राहत पाने के लिए बच्चों ने पानी में उतरकर नहाने का निर्णय लिया, लेकिन उन्हें पानी की गहराई और खतरे का अंदाजा नहीं था।

नहाने के दौरान अचानक तनिश और समीर गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद कुलेश्वर भी मुश्किल में फंस गया, लेकिन किनारे उगी झाड़ियों का सहारा मिलने से वह किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा। घबराए हुए कुलेश्वर ने तुरंत गांव जाकर परिजनों और ग्रामीणों को पूरी घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन तत्काल बांध पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया। इसी दौरान मामले की सूचना गातापार पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल खैरागढ़ भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर पंचनामा तैयार किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बच्चे केवल नहाने के उद्देश्य से बांध में उतरे थे और उन्हें जलाशय की गहराई का सही अनुमान नहीं था।

इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्राम ईटार सहित आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। एक ही गांव के दो मासूमों की असमय मौत से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बांध और जलाशयों के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

प्रशासन और पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बच्चों को अकेले जलाशयों, तालाबों या बांध के पास न जाने दें और अभिभावक विशेष सतर्कता बरतें। छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है—यह हादसा इसी का दर्दनाक उदाहरण बन गया है।