रोजगार सह आवास दिवस में ग्रामीणों से सीधा संवाद, योजनाओं की पारदर्शिता ने बढ़ाया भरोसा
कवर्धा जिले में रोजगार सह आवास दिवस के अवसर पर ग्रामीणों को महात्मा गांधी नरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, युक्तधारा पोर्टल और विकसित भारत जी राम जी जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई। क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं की पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराई गई।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | जिले में रोजगार सह आवास दिवस के अवसर पर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सहित अन्य विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर ग्रामीणों को गांव के प्रमुख स्थलों पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन करना सिखाया गया। अधिकारियों ने बताया कि क्यूआर कोड स्कैन करते ही विगत तीन वर्षों में मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए गए सभी निर्माण कार्यों की जानकारी मोबाइल पर ही उपलब्ध हो जाएगी। इससे ग्रामीणों को किसी भी कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
रोजगार सह आवास दिवस में आजीविका डबरी के महत्व पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि डबरी निर्माण से ग्रामीणों को रोजगार के साथ-साथ मछली पालन, सब्जी उत्पादन एवं अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी विभाग के सहयोग से हितग्राहियों को तकनीकी प्रशिक्षण और आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे आजीविका संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टरगोपाल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक माह की 7 तारीख को रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन किया जाता है। इस दौरान ग्रामीणों को नरेगा एवं आवास योजना से जुड़े सामुदायिक और हितग्राही मूलक कार्यों जैसे कूप निर्माण, डबरी निर्माण, पशु शेड, वृक्षारोपण और जल संरक्षण कार्यों की जानकारी दी जाती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के हितग्राहियों के नामों का वाचन कर किश्तों की जानकारी, मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री एवं कन्वर्जेन्स से मिलने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों से आवास निर्माण को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (विकसित भारत जी राम जी) की जानकारी देते हुए 125 दिनों के गारंटीशुदा रोजगार, मांग आधारित कार्य और समय पर मजदूरी भुगतान जैसे प्रावधानों से ग्रामीणों को अवगत कराया गया।
साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से लेबर बजट और निर्माण कार्यों के चयन पर चर्चा की गई। जल संरक्षण, तालाब निर्माण, गाद निकासी और आजीविका डबरी जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर ग्रामीणों ने अपने सुझाव रखे। यह आयोजन पारदर्शी, सहभागी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हुआ।