UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में भीषण गर्मी के बीच जल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी की कमी ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। नलों में पानी नहीं आ रहा, बोरवेल सूख चुके हैं और लोग अब टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। इसी बीच आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने आरोप लगाया है कि शहर में पानी की समस्या अब केवल प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता और भ्रष्टाचार के कारण बढ़ी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की लापरवाही और कथित मिलीभगत के चलते “टैंकर माफिया” खुलेआम मनमानी कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, इंदिरा नगर, दुर्गा नगर और यादव बस्ती जैसे इलाकों में लोग घंटों पानी के टैंकर का इंतजार करते हैं। जैसे ही टैंकर पहुंचता है, लोग बर्तन लेकर पानी के लिए दौड़ पड़ते हैं। कई जगहों पर स्थिति इतनी खराब है कि पानी को लेकर विवाद और झगड़े तक हो रहे हैं।
पार्टी के अन्य नेता अज़ीम खान ने बताया कि मोवा, सड्डू, कचना और आमासिवनी जैसे क्षेत्रों में भूजल स्तर गिरने के बाद लोग पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी टैंकर संचालक 1200 से 1500 रुपये तक वसूल रहे हैं, जो आम लोगों के लिए भारी बोझ बन गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि खारुन नदी के आसपास बसे क्षेत्रों में भी पानी की कमी होना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। जहां प्राकृतिक जल स्रोत मौजूद हैं, वहां भी लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी ने नगर निगम पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि बिना प्रशासन की सहमति के टैंकर माफिया इस तरह की मनमानी नहीं कर सकता। पार्टी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही जल संकट का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, पाइपलाइन कार्यों को तेज नहीं किया गया और टैंकर माफिया पर रोक नहीं लगाई गई, तो पार्टी बड़े जन आंदोलन की राह अपनाएगी।
वर्तमान हालात में रायपुर के लोगों के लिए “जल ही जीवन है” का नारा एक संघर्ष बन गया है। हर दिन पानी के लिए जूझते लोग प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन सवाल अब भी कायम है—आखिर कब तक यह संकट खत्म होगा?