पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी नेताराम देवांगन (39 वर्ष), निवासी पद्मावतीपुर, थाना छुईखदान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से एक व्यक्ति ने संपर्क किया। आरोपी ने पुराने नोट और सिक्कों के बदले भारी रकम दिलाने का लालच दिया। विशेष रूप से ₹5 के पुराने नोट के बदले ₹37.94 लाख दिलाने का दावा किया गया, जिससे प्रार्थी लालच में आ गया।
इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग बहानों से पैसे मांगना शुरू किया। उसने प्रोसेसिंग फीस, कस्टम शुल्क, रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य चार्जेस के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई। धीरे-धीरे यह राशि बढ़कर कुल ₹11.70 लाख तक पहुंच गई। जब प्रार्थी को संदेह हुआ, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले में थाना छुईखदान में अपराध क्रमांक 122/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 318(4), 336, 338, 340 और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और साइबर ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की लोकेशन हरियाणा के नूंह जिले में ट्रेस की। इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी मोहम्मद जाहिर (19 वर्ष), निवासी ग्राम डूंगेजा, थाना पिंगवा, जिला नूंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने ठगी को अंजाम देने के लिए 30 से 40 फर्जी सिम कार्ड और करीब 20 बैंक खातों का इस्तेमाल किया। उसके कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड और ₹4000 नगद जब्त किए गए हैं। यह दर्शाता है कि आरोपी एक संगठित साइबर नेटवर्क के तहत काम कर रहा था।
आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप का उपयोग कर फर्जी विज्ञापन डालता था। वह पुराने सिक्कों और नोटों के बदले लाखों रुपये दिलाने का दावा करता और लोगों को अपने जाल में फंसाता था। विश्वास दिलाने के लिए वह नकदी के बंडलों के फर्जी वीडियो भेजता और कभी-कभी पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर और अधिक पैसे वसूलता था।
पुलिस ने आरोपी को 15 अप्रैल 2026 को हरियाणा से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर खैरागढ़ लाया। 17 अप्रैल को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल खैरागढ़ और थाना छुईखदान की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के लालच भरे ऑफर्स से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।