रायपुर में नि:शुल्क पौधों की कलम अदला-बदली कार्यक्रम सम्पन्न, प्रकृति प्रेमियों ने साझा किया हरियाली का संदेश

प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा रायपुर के गांधी नेहरू उद्यान स्थित बापू की कुटिया में नि:शुल्क पौधों की कलम अदला-बदली कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमियों ने भाग लेकर विभिन्न पौधों की कलमों का आदान-प्रदान किया और बागवानी व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

Jul 28, 2026 - 18:03
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रायपुर में नि:शुल्क पौधों की कलम अदला-बदली कार्यक्रम सम्पन्न, प्रकृति प्रेमियों ने साझा किया हरियाली का संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा गांधी नेहरू उद्यान स्थित बापू की कुटिया में नि:शुल्क पौधों की कलम (प्लांट कटिंग) अदला-बदली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अनूठी पहल में बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमियों, गृह वाटिका के शौकीनों, बागवानी प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच पौधों के संरक्षण, हरियाली के विस्तार और बागवानी के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। आयोजन के दौरान प्रतिभागी अपने घरों में तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के फूलों, सजावटी पौधों, औषधीय पौधों और अन्य दुर्लभ प्रजातियों की कलमें लेकर पहुंचे और एक-दूसरे के साथ उनका आदान-प्रदान किया। इससे न केवल पौधों की नई-नई प्रजातियां लोगों तक पहुंचीं, बल्कि प्रतिभागियों को बागवानी से जुड़ी नई जानकारियां भी प्राप्त हुईं।

सोसायटी के अध्यक्ष मोहन वर्ल्यानी और सचिव निर्भय धाडीवाल ने बताया कि इस तरह के आयोजन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, आंगन या बालकनी में पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे, तो शहर में हरियाली बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने लोगों से पौधों के संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केवल पौधों की कलमों का आदान-प्रदान ही नहीं किया, बल्कि विभिन्न पौधों की देखभाल, उनके उपयोग, उचित सिंचाई, जैविक खाद के प्रयोग और मौसम के अनुसार रखरखाव जैसे विषयों पर भी अपने अनुभव साझा किए। इस संवाद से कार्यक्रम ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बन गया। कई प्रतिभागियों ने दुर्लभ पौधों की विशेषताओं और उनके औषधीय महत्व के बारे में भी जानकारी दी।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है। खासकर युवाओं और बच्चों को प्रकृति से जोड़ने तथा घरों में पौधों की संख्या बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास लगातार किए जाने चाहिए। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का सुझाव दिया।

आयोजन के सफल संचालन में मनीषा त्रिवेदी, शिल्पी नागपुरे, सुधा केसरवानी, राम खटवानी, नूपुर परगनिया, नीना रत्नम और ममता मिश्रा सहित कई प्रकृति प्रेमियों और स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के अंत में सोसायटी की ओर से सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस प्रकार की पहल से अधिक से अधिक लोग पौधारोपण, पौधों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन से जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हर घर में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की छोटी-छोटी पहलें भविष्य में स्वच्छ, हरित और स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से हरियाली का विस्तार और प्रकृति संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।