बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर योजना को भी जनविरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग उठाई गई। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी और सरकार पर दबाव बनाएगी।
बैठक के दौरान भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली और विभिन्न नीतियों को लेकर भी चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े मूलभूत मुद्दों का समाधान करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा पर भी विचार किया गया। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचकर लोगों को कांग्रेस के आंदोलन और जनहित के मुद्दों से जोड़ें। साथ ही बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और अन्य जनसमस्याओं को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई।
बैठक में राजेंद्र पप्पू बंजारे, शैलेश नितिन त्रिवेदी, नंदलाल देवांगन, प्रवीण साहू, उधोराम वर्मा, गोपाल चतुर्वेदी, डोमेश्वरी वर्मा, केशरी साहू, भावेश बघेल, लोकमणि कोसले, सुजीत घिदौड़े, हेमंत कश्यप, दिनेश ठाकुर, लोकेश साहू, एकराम, पुरुषोत्तम धीवर और शुभांशु साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आम जनता की आवाज बनकर हर स्तर पर उनकी समस्याओं को उठाएगी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी। बैठक का समापन आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने के संकल्प के साथ हुआ।