कांग्रेस की इस घोषणा के बाद फूलो देवी नेताम ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आगामी राज्यसभा चुनाव में पार्टी एकजुट होकर मजबूती के साथ मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रही है।
फूलो देवी नेताम वर्तमान में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद हैं और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जनजातीय समाज, महिलाओं तथा वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उनका अनुभव और जमीनी जुड़ाव आगामी समय में पार्टी के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
कांग्रेस संगठन के भीतर यह चर्चा लंबे समय से चल रही थी कि राज्यसभा के लिए किस चेहरे को आगे बढ़ाया जाए। अंततः पार्टी ने दोबारा फूलो देवी नेताम पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रत्याशी घोषित किया। इस फैसले से पार्टी के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
फूलो देवी नेताम ने उम्मीदवार घोषित होने के बाद कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर वे पूरी निष्ठा के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि संसद के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जनता की समस्याओं, विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया जाएगा।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात के बाद यह भी कहा कि वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन हमेशा उन्हें सही दिशा देता रहा है और आगे भी पार्टी की नीतियों को मजबूती से जनता के बीच रखने का प्रयास किया जाएगा।
गौरतलब है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर प्रदेश स्तर पर व्यापक मंथन किया गया था। पार्टी का उद्देश्य आगामी राजनीतिक परिस्थितियों में संगठन को मजबूत करना और संसद के उच्च सदन में छत्तीसगढ़ की प्रभावी आवाज को बनाए रखना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फूलो देवी नेताम को दोबारा उम्मीदवार बनाना पार्टी की सामाजिक संतुलन की रणनीति का भी हिस्सा है। उनके माध्यम से कांग्रेस आदिवासी समाज और महिला नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती से प्रस्तुत करना चाहती है।
यह भी उल्लेखनीय है कि राज्यसभा के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर उठाने की बड़ी जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ से एक अनुभवी और सक्रिय सांसद को फिर से मौका देना पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
अब आगामी राज्यसभा चुनाव में फूलो देवी नेताम की उम्मीदवारी पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि उनके अनुभव और संगठनात्मक सहयोग से पार्टी को राजनीतिक रूप से मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ की आवाज संसद में और प्रभावी ढंग से रखी जा सकेगी।