नामांकन दाखिल करने के दौरान भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नामांकन कार्यक्रम के दौरान विधानसभा परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में नारेबाजी की और इसे पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसर बताया।
इस अवसर पर मंत्री केदार कश्यप, टंक राम वर्मा, दयालदास बघेल, लक्ष्मी रजवाड़े, श्याम बिहारी जायसवाल, गुरु खुशवंत साहेब, गजेंद्र यादव, सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए।
भाजपा नेताओं ने इसे पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और एकजुटता का प्रतीक बताया। नेताओं का कहना है कि राज्यसभा चुनाव के लिए लक्ष्मी वर्मा का नामांकन प्रदेश में पार्टी के सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को दर्शाता है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि लक्ष्मी वर्मा का संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक जुड़ाव भाजपा के लिए उच्च सदन में एक सशक्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगा।
नामांकन के बाद उपस्थित नेताओं ने लक्ष्मी वर्मा को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। नेताओं ने कहा कि राज्यसभा जैसे महत्वपूर्ण सदन में छत्तीसगढ़ की आवाज को मजबूती से रखने के लिए पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि राज्यसभा चुनाव केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के हितों को राष्ट्रीय मंच पर रखने का माध्यम भी है। इस दृष्टि से लक्ष्मी वर्मा की उम्मीदवारी को बेहद अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रदेश स्तर पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद लक्ष्मी वर्मा को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी का दावा है कि आगामी चुनाव में उसे विधायकों का व्यापक समर्थन प्राप्त होगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नामांकन के साथ ही छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में सभी प्रमुख दल अपने-अपने स्तर पर रणनीति को अंतिम रूप देंगे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए होने वाला यह चुनाव प्रदेश की राजनीति की दिशा और दलों की शक्ति संतुलन को भी स्पष्ट रूप से सामने लाएगा। भाजपा की ओर से लक्ष्मी वर्मा का नामांकन इसी राजनीतिक तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।