पाण्डातराई महाविद्यालय में “कैरियर एवं स्वयं व्यवसाय” कार्यशाला का सफल आयोजन, युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा

कबीरधाम जिले के पाण्डातराई स्थित अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय महाविद्यालय में “कैरियर एवं स्वयं व्यवसाय” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार अवसरों और स्वरोजगार के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।

Apr 18, 2026 - 13:08
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पाण्डातराई महाविद्यालय में “कैरियर एवं स्वयं व्यवसाय” कार्यशाला का सफल आयोजन, युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l  कबीरधाम जिले के पाण्डातराई स्थित अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय महाविद्यालय में 13 अप्रैल 2026 को “कैरियर एवं स्वयं व्यवसाय” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कैरियर चयन एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था।

कार्यशाला का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बद्री प्रसाद लोधी स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय आरंग, रायपुर के सहायक प्राध्यापक (इतिहास) प्रो. ज्ञानेश शुक्ला उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न कैरियर विकल्पों, रोजगार के अवसरों और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

अपने संबोधन में प्रो. शुक्ला ने प्रतियोगी परीक्षाओं के महत्व पर विशेष जोर देते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), राज्य लोक सेवा आयोग (PSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC) तथा व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षाओं की तैयारी की रणनीतियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सही दिशा, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से विद्यार्थी इन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

इसके साथ ही बैंकिंग क्षेत्र में IBPS, SBI एवं RBI जैसी संस्थाओं में रोजगार के अवसरों, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के माध्यम से मिलने वाली नौकरियों तथा अन्य सरकारी और निजी क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह समझाया कि बदलते समय के साथ नए क्षेत्रों में भी कैरियर की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं।

कार्यशाला में विधि क्षेत्र में वकालत, न्यायिक सेवा एवं कंपनी सलाहकार बनने के अवसरों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा बी.एड. के बाद शिक्षक बनने के विकल्प तथा स्वरोजगार के तहत स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के विभिन्न आयामों को भी विस्तार से समझाया गया। विद्यार्थियों को उद्यमिता की ओर प्रेरित करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के संयोजक सहायक प्राध्यापक वाणिज्य  शिवराम सिंह श्याम एवं सह संयोजक  पूर्वा गुप्ता रहे। आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों एवं अतिथि व्याख्याताओं का विशेष योगदान रहा, जिनमें  बुद्धदेव, डॉ. राज कुमार वर्मा,  सूर्यभान सिंह धुर्वे,   अजय कुमार वर्मा,   जागेश्वर वर्मा, डॉ. गजानंद साहू,  कामता प्रसाद चन्द्रवंशी, डॉ. गोविन्द सिंह ठाकुर एवं  अजय कुमार शर्मा शामिल रहे।

कार्यक्रम के संरक्षक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. लखन कुमार तिवारी रहे, जिनके मार्गदर्शन में इस कार्यशाला का सफल आयोजन संभव हो पाया।

कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सही कैरियर दिशा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था, जो पूरी तरह सफल रहा।