सरगुजा में बड़ी कार्रवाई: उदयपुर के डूमरडीह धान खरीदी केंद्र पर 298 क्विंटल धान जब्त, समिति–अधिकारियों की मिलीभगत उजागर
सरगुजा जिले के उदयपुर स्थित डूमरडीह धान खरीदी केंद्र पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 298 क्विंटल धान जब्त किया है। जांच में फिक्स तौल वाले जूट बोरे और समिति–सत्यापन अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। कलेक्टर के निर्देश पर सख्ती जारी है।
UNITED NEWS OF ASIA. सरगुजा जिले में धान खरीदी व्यवस्था में गड़बड़ियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उदयपुर विकासखंड के डूमरडीह धान खरीदी केंद्र में जांच के दौरान 298 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर अजीत बसंत के सख्त निर्देश पर की गई।
जांच के दौरान मौके से 680 जूट बोरे बरामद किए गए, जिनमें पहले से फिक्स तौल का धान भरा हुआ था। चौंकाने वाली बात यह रही कि इन सभी बोरियों पर खमरिया समिति का टैग पहले से ही लगा हुआ मिला। इससे स्पष्ट हुआ कि धान खरीदी प्रक्रिया को योजनाबद्ध तरीके से प्रभावित किया जा रहा था।
पूछताछ में संबंधित किसान ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि यह धान उसने स्वयं केंद्र में नहीं लाया था, बल्कि एक बिचौलिया उसके घर से धान लेकर आया और खरीदी केंद्र तक पहुंचाया गया। इस बयान के बाद समिति प्रबंधन और सत्यापन में लगे अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रशासनिक जांच में प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई है कि समिति और सत्यापन अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से धान की एंट्री कराई जा रही थी। इस पूरी प्रक्रिया में किसानों के नाम का दुरुपयोग कर अवैध धान खपाने की कोशिश की जा रही थी, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान और वास्तविक किसानों के अधिकारों पर चोट पहुंच रही थी।
कलेक्टर अजीत बसंत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी स्तर के अधिकारी या कर्मचारी क्यों न हों। उन्होंने जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों पर निगरानी और जांच और तेज करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों के हक और उनकी उपज की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार निरीक्षण, सत्यापन और आकस्मिक जांच की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद धान खरीदी केंद्रों में सक्रिय बिचौलियों और भ्रष्ट तत्वों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसी गड़बड़ियों पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि वास्तविक किसानों को उनका पूरा हक मिल सके और खरीदी व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।