ऑपरेशन मुस्कान: खैरागढ़ पुलिस ने अहमदाबाद से नाबालिग को छुड़ाया, आरोपी गिरफ्तार
खैरागढ़ पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत अहमदाबाद से एक नाबालिग अपहृता को सकुशल बरामद किया। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर दुष्कर्म की धाराओं में जेल भेज दिया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़। ऑपरेशन मुस्कान के तहत खैरागढ़ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए अहमदाबाद से एक नाबालिग अपहृता को सकुशल बरामद किया है। इस मामले में संलिप्त आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
मामले की शुरुआत 27 मार्च 2026 को हुई, जब एक प्रार्थी ने थाना खैरागढ़ में अपनी नाबालिग पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी के अनुसार, उसकी बेटी अपनी नानी के घर आई हुई थी और अचानक गायब हो गई। परिजनों को आशंका थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है।
इस गंभीर मामले को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 133/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन गुजरात के अहमदाबाद शहर में मिलने पर पुलिस टीम तुरंत रवाना हुई। 14 अप्रैल को खैरागढ़ पुलिस ने अहमदाबाद के ओढव थाना क्षेत्र में स्थित आदिनाथ गोकुलनगर सोसायटी में घेराबंदी कर दबिश दी।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी पिंटू बंजारे (उम्र 18 वर्ष) निवासी डोकराभाठा को हिरासत में लिया और उसके कब्जे से नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने बालिका को तत्काल सुरक्षा में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की बात स्वीकार की। साथ ही उसके साथ गलत कृत्य करने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मामले में संबंधित गंभीर धाराएं जोड़ दीं।
16 अप्रैल को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत लापता बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करना है।
खैरागढ़ पुलिस की इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून से बचना संभव नहीं है। पुलिस ने यह भी संदेश दिया है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, बल्कि समाज को भी सतर्क रहने की आवश्यकता का संकेत देती है, ताकि ऐसे अपराधों को समय रहते रोका जा सके।