नारायणपुर की पंचायतों में महोत्सव के रूप में मना रोजगार दिवस व आवास दिवस, ग्रामीणों को योजनाओं की मिली विस्तृत जानकारी

नारायणपुर जिले की ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन महोत्सव के रूप में किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को मनरेगा के नए प्रावधानों, विकसित भारत–जी राम जी योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी दी गई और आवास निर्माण शीघ्र पूर्ण करने के लिए हितग्राहियों को प्रेरित किया गया।

Jan 8, 2026 - 17:04
 0  10
नारायणपुर की पंचायतों में महोत्सव के रूप में मना रोजगार दिवस व आवास दिवस, ग्रामीणों को योजनाओं की मिली विस्तृत जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद | नारायणपुर जिले की ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन महोत्सव के रूप में किया गया। यह आयोजन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नए प्रावधानों से ग्रामीणों को अवगत कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को अपने आवास शीघ्र पूर्ण करने हेतु प्रोत्साहित करने पर केंद्रित रहा।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को विकसित भारत – जी राम जी योजना के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। ग्रामीणों को यह समझाया गया कि वे क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने गांव में स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों, लागत, मजदूरी भुगतान और अन्य विवरणों की जानकारी एक ही स्कैन में प्राप्त कर सकते हैं। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन की सहभागिता मजबूत होगी।

आवास दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता से विशेष चर्चा आयोजित की गई। हितग्राहियों को अपने आवास निर्माण को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया गया तथा शासन द्वारा दी जा रही सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि समय पर आवास पूर्ण होने से ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिलेगा।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयोजित रोजगार दिवस के दौरान आजीविका संवर्धन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से “आजीविका डबरी” के निर्माण और उसके माध्यम से मत्स्य पालन, बतख पालन, सब्जी उत्पादन जैसे कार्यों से ग्रामीणों की आय बढ़ाने के उपायों पर जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि मनरेगा के माध्यम से केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका के साधन भी विकसित किए जा सकते हैं।

इस महोत्सवात्मक आयोजन से ग्राम स्तर पर जागरूकता बढ़ी है और ग्रामीणों में योजनाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है। रोजगार दिवस और आवास दिवस के संयुक्त आयोजन ने यह संदेश दिया कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।