मंत्री टंकराम वर्मा के नगरी दौरे से पहले युवा कांग्रेस नेताओं को नजरबंद किए जाने का आरोप

नगरी में मंत्री टंकराम वर्मा के दौरे से पहले युवा कांग्रेस नेताओं ने पुलिस-प्रशासन पर उन्हें घर से उठाकर थाने में नजरबंद करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कार्रवाई की निंदा की है।

Jul 31, 2026 - 12:36
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मंत्री टंकराम वर्मा के नगरी दौरे से पहले युवा कांग्रेस नेताओं को नजरबंद किए जाने का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l प्रदेश के मंत्री टंकराम वर्मा के नगरी आगमन से पहले युवा कांग्रेस नेताओं ने पुलिस-प्रशासन पर उन्हें घर से उठाकर थाने में नजरबंद करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मंत्री के दौरे के दौरान उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने से रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

युवा कांग्रेस नेताओं के अनुसार मंत्री टंकराम वर्मा के कार्यक्रम से पहले पुलिस ने कई कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उनके घरों से बुलाकर या हिरासत में लेकर थाने में बैठाए रखा। उनका आरोप है कि इस दौरान उन्हें कार्यक्रम स्थल तक जाने या किसी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं दी गई।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक जिन लोगों को थाने में रोककर रखा गया उनमें प्रदेश महासचिव प्रत्याशी एवं जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस प्रेमांशु प्रजापति, जनपद सदस्य प्रमोद कुंजाम, जनपद सदस्य दुर्गेश नंदिनी साहू, विधानसभा अध्यक्ष अभिषेक बंजारे, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष युवा कांग्रेस भीषम यादव, गजेंद्र नेताम, आकाश नेताम, अंकुश देवांगन, राकेश नेताम और लक्ष्य तिवारी शामिल हैं।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें पहले ही थाने में रोककर उनकी गतिविधियों पर रोक लगा दी। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास है।

युवा कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। यदि किसी प्रकार का विरोध या ज्ञापन देना हो तो उसे संवैधानिक दायरे में रहकर किया जा सकता है, लेकिन विपक्षी नेताओं को पहले से नजरबंद करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष के दमन को ही अपनी प्राथमिकता मान रही है। उनका कहना है कि जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जो स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

युवा कांग्रेस ने इस पूरी घटना की निंदा करते हुए कहा कि भविष्य में भी वे जनता से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहेंगे। नेताओं ने मांग की कि विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के साथ इस प्रकार की कार्रवाई न की जाए और सभी राजनीतिक दलों को संविधान प्रदत्त अधिकारों के अनुरूप शांतिपूर्ण गतिविधियों की अनुमति दी जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध भी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए प्रशासन को निष्पक्ष रहकर सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।