पुलिस के मुताबिक 30 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे सीएचसी फरसगांव से थाना बड़ेडोंगर को सूचना मिली कि ग्राम मोहपाल के सरपंच मंगल सिंह मरकाम के साथ अज्ञात लोगों ने मारपीट की है और उनकी मौत हो गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपील चंद्रा के मार्गदर्शन और एसडीओपी फरसगांव अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम, एफएसएल टीम कोंडागांव और साइबर टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने संदेही मिट्ठू राम नेताम से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सरपंच मंगल सिंह मरकाम और आरोपी परिवार की एक महिला के बीच कथित प्रेम प्रसंग की चर्चा को लेकर पुरानी रंजिश की बात सामने आई। पुलिस का दावा है कि इसी रंजिश के चलते मिट्ठू राम नेताम सहित अन्य आरोपियों ने हत्या की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार 29 सितंबर 2026 को सरपंच के वहां आने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी पगडंडी मार्ग और नदी किनारे जंगल में घात लगाकर बैठे थे। सरपंच के पहुंचने पर आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और हाथ, थप्पड़, चप्पल, लोहे के रॉड और डंडे से मारपीट की। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने सरपंच के हाथ बांधकर भी उसके साथ मारपीट की।
इसके बाद सरपंच को घटनास्थल से करीब 60 मीटर दूर ले जाकर कंबल से ढंक दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी सड़क किनारे आग जलाकर रातभर वहां मौजूद रहे और सुबह करीब 5 से 5:30 बजे के बीच मौके से फरार हो गए। सुबह परिजन सरपंच को घायल अवस्था में सीएचसी फरसगांव लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले में थाना बड़ेडोंगर में अपराध क्रमांक 22/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान धारा 61(2)(क) और 191(2) बीएनएस भी जोड़ी गई। पुलिस ने मिट्ठू राम नेताम के मेमोरण्डम कथन के आधार पर डंडा और लोहे का रॉड बरामद किया।
पुलिस ने 1 अक्टूबर 2026 को मिट्ठू राम नेताम, श्रवण कुमार नेताम, अमित कुमार नेताम, लखन नेताम, नवलू वट्टी, राकेश मण्डावी और प्रभु लाल नेताम को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी ग्राम मोहपाल के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार सभी को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की विवेचना में बड़ेडोंगर थाना पुलिस, साइबर टीम कोंडागांव और रक्षित केंद्र कोंडागांव की टीम की भूमिका रही।