आधुनिक बागवानी तकनीकों से किसानों की आय बढ़ाने की पहल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने ICAR-IIHR का किया अवलोकन

छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने बेंगलुरु स्थित भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान ICAR-IIHR का अवलोकन किया। उन्होंने आधुनिक बागवानी तकनीकों, उन्नत किस्मों, हाईटेक नर्सरी, संरक्षित खेती, ड्रिप सिंचाई, जल एवं उर्वरक प्रबंधन तथा फल-सब्जियों की उत्पादन और प्रसंस्करण तकनीकों की जानकारी ली। मंत्री ने इन तकनीकों को छत्तीसगढ़ की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाकर किसानों की उत्पादन क्षमता और आय बढ़ाने की संभावनाओं पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की।

Aug 29, 2026 - 08:08
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आधुनिक बागवानी तकनीकों से किसानों की आय बढ़ाने की पहल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने ICAR-IIHR का किया अवलोकन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में बागवानी क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पहल तेज की जा रही है। इसी क्रम में कृषि विकास एवं कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने बेंगलुरु स्थित भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान ICAR-IIHR का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में विकसित की जा रही आधुनिक बागवानी तकनीकों, उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की जानकारी ली।

मंत्री रामविचार नेताम ने संस्थान के विशेषज्ञों के साथ उच्च तकनीक नर्सरी, संरक्षित खेती, पॉलीहाउस, फल एवं सब्जियों के उत्पादन, प्रसंस्करण तथा आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि इन तकनीकों को छत्तीसगढ़ की स्थानीय जलवायु और कृषि परिस्थितियों के अनुरूप किस तरह अपनाया जा सकता है।

ICAR-IIHR देश के प्रमुख बागवानी अनुसंधान संस्थानों में शामिल है। यहां सब्जियों की उन्नत किस्मों और उत्पादन तकनीकों के विकास के साथ फल, फूल एवं सजावटी फसलों पर भी अनुसंधान किया जाता है। इसके अलावा उच्च तकनीक नर्सरी, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री, संरक्षित खेती, पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, जल प्रबंधन तथा एकीकृत कीट एवं रोग प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी तकनीकी विकास किया जा रहा है।

अवलोकन के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से उन तकनीकों में रुचि दिखाई, जिनके माध्यम से कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिल सके। आधुनिक नर्सरी तकनीक और संरक्षित खेती को लेकर भी उन्होंने विशेषज्ञों से जानकारी ली।

मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बागवानी क्षेत्र के विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य में अलग-अलग प्रकार की जलवायु और कृषि परिस्थितियां हैं, जिनका वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर उपयोग किया जा सकता है। किसानों को पारंपरिक कृषि के साथ आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों से जोड़कर उत्पादन, उत्पादकता और आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का लाभ किसानों तक पहुंचाना कृषि क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कम भूमि में बेहतर उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण कृषि उपज, कुशल जल प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीके से कीट एवं रोग नियंत्रण जैसी तकनीकें किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।

इस दौरान छत्तीसगढ़ में उन्नत बागवानी तकनीकों के संभावित उपयोग और किसानों तक इनके विस्तार को लेकर संस्थान के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया गया। राज्य में फल, सब्जी और अन्य बागवानी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ किसानों को आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने की दिशा में ऐसे प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कृषि मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी को बढ़ावा देकर किसानों के लिए अतिरिक्त और बेहतर आय के अवसर तैयार किए जा सकते हैं। वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों को स्थानीय जरूरतों से जोड़कर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने के प्रयास किए जाएंगे।