राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में एमसीबी ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 95-95-95 राष्ट्रीय लक्ष्य को लगभग पूर्ण रूप से हासिल कर छत्तीसगढ़ का पहला जिला बनने का गौरव प्राप्त किया है। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम, आईसीटीसी, एआरटी केंद्र और स्वास्थ्य कर्मियों के सामूहिक प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हुई।

Aug 7, 2026 - 13:33
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राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में एमसीबी ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना

UNITED NEWS OF ASIA. हेमन्त कुमार, एमसीबी l छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के अंतर्गत निर्धारित राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त कर नया इतिहास रच दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में जिले ने एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और छत्तीसगढ़ का पहला जिला बनने का गौरव प्राप्त किया, जिसने इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को हासिल किया है। इस उपलब्धि ने न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई पहचान दिलाई है।

जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह सफलता सुव्यवस्थित योजना, नियमित निगरानी और स्वास्थ्य कर्मियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। कार्यक्रम का संचालन जिला नोडल अधिकारी डॉ. मो. वसीक अस्दक एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल के निर्देशन में किया गया। मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य टीमों ने लगातार कार्य करते हुए एचआईवी की जांच, उपचार और परामर्श सेवाओं को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया।

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित 95-95-95 लक्ष्य एचआईवी संक्रमण की रोकथाम और प्रभावी उपचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके पहले चरण में संभावित संक्रमित व्यक्तियों की समय पर पहचान और जांच का 95 प्रतिशत लक्ष्य एमसीबी जिले ने प्राप्त किया। दूसरे चरण में एचआईवी संक्रमित मरीजों को समय पर एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से जोड़ने का 95 प्रतिशत लक्ष्य भी सफलतापूर्वक हासिल किया गया। तीसरे चरण में संक्रमित मरीजों के शरीर में वायरस की सक्रियता को न्यूनतम स्तर तक नियंत्रित करने के लिए निर्धारित 99 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले जिले ने 98 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने अत्यंत उल्लेखनीय सफलता बताया है।

इस अभियान में इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (ICTC) के काउंसलर्स की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। काउंसलर निशा सिंह और विजेंद्र खटकर ने मरीजों की काउंसलिंग, समय पर जांच के लिए प्रेरित करने तथा उपचार से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निरंतर प्रयासों से मरीजों में जागरूकता बढ़ी और उपचार की निरंतरता सुनिश्चित हो सकी।

स्वास्थ्य विभाग ने इस सफलता का श्रेय जिला स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम, दिशा (DISHA) टीम, आईसीटीसी, एआरटी केंद्र, विशेषज्ञ चिकित्सकों, लैब तकनीशियनों तथा अग्रिम पंक्ति में कार्यरत सभी स्वास्थ्य कर्मियों को दिया है। सभी के समन्वित प्रयासों से जिले ने यह उपलब्धि हासिल की और राज्य के लिए एक नया मानक स्थापित किया।

इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया है। प्रशासन ने कहा कि जिले में एचआईवी की रोकथाम, शत-प्रतिशत समय पर जांच, दवाइयों की नियमित उपलब्धता और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। एमसीबी जिले की यह सफलता छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण मानी जा रही है।