पोषण और बाल कल्याण को मजबूत बनाने राज्य नीति आयोग–यूनिसेफ का मंथन, बस्तर और सरगुजा पर रहेगा विशेष फोकस

छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ के बीच आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और बाल कल्याण को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में कुपोषण, एनीमिया और मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, नवाचार और विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

Aug 7, 2026 - 13:41
 0  2
पोषण और बाल कल्याण को मजबूत बनाने राज्य नीति आयोग–यूनिसेफ का मंथन, बस्तर और सरगुजा पर रहेगा विशेष फोकस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और बाल कल्याण को नई मजबूती देने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ के बीच रायपुर में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की, जिसमें यूनिसेफ के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में राज्य में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने, नवाचारों को बढ़ावा देने और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि किसी भी विकसित और समृद्ध समाज की मजबूत नींव स्वस्थ और सुपोषित बच्चे होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के लिए व्यावहारिक, नवाचारी और प्रभावी समाधान विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने यूनिसेफ के विशेषज्ञों से ऐसे मॉडल तैयार करने का आग्रह किया, जिनका सीधा लाभ बच्चों, गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।

बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े नवीन उपायों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि गर्भवती महिलाओं को पहले जहां पांच अलग-अलग खुराक की आवश्यकता होती थी, वहीं अब एक ही इंजेक्शन से समान लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल, प्रभावी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। साथ ही महिलाओं और बच्चों में एनीमिया तथा कुपोषण की समस्या को कम करने के लिए नई रणनीतियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि राज्य नीति आयोग विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, योजनाओं की प्रभावी निगरानी करने और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यूनिसेफ के सहयोग से बस्तर सहित पूरे राज्य में पोषण और बाल कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के लिए साक्ष्य-आधारित नीति, आधुनिक निगरानी तंत्र और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

यूनिसेफ की फील्ड ऑफिस प्रमुख सीमा कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर संभाग के बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए यूनिसेफ राज्य सरकार के साथ मिलकर लगातार कार्य कर रहा है। वहीं सामाजिक नीति विशेषज्ञ डॉ. बाल परितोष दाश ने कहा कि पोषण और बाल कल्याण के क्षेत्र में स्थायी और सकारात्मक परिणाम तभी संभव हैं, जब विभिन्न विभाग समन्वित रूप से कार्य करें और सभी योजनाएं विश्वसनीय आंकड़ों एवं साक्ष्यों के आधार पर तैयार की जाएं।

बैठक के अंत में पोषण, बाल कल्याण और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को लेकर एक ठोस, नवाचारी और परिणाम-आधारित रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वस्थ, सुरक्षित और सुपोषित बचपन ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की आधारशिला है। राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, जिससे भविष्य की पीढ़ी को बेहतर अवसर मिलेंगे और समावेशी विकास का लक्ष्य साकार होगा।