'मेरी बेटी–मेरा अभिमान' अभियान का शुभारंभ, हर गांव में मुक्तिधाम और हर स्कूल में बनेगा बालिका शौचालय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'मेरी बेटी–मेरा अभिमान' अभियान की शुरुआत करते हुए घोषणा की कि 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के हर गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय तथा ग्रामीण शासकीय स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। वीबी-जी राम जी मिशन के तहत 6,855 करोड़ रुपये की लागत से रोजगार, जल संरक्षण और ग्रामीण अधोसंरचना के व्यापक विकास कार्य किए जाएंगे।

Aug 7, 2026 - 13:45
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'मेरी बेटी–मेरा अभिमान' अभियान का शुभारंभ, हर गांव में मुक्तिधाम और हर स्कूल में बनेगा बालिका शौचालय

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण विकास, महिला सम्मान और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 'मेरी बेटी–मेरा अभिमान' अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के अंतर्गत लगभग 286.85 करोड़ रुपये की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक शौचालय की अनुमानित लागत 4.30 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके साथ ही 6,524 गांवों में लगभग 391.44 करोड़ रुपये की लागत से मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 549 मुक्तिधामों के निर्माण पर भी विशेष कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।

जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने 10,027 बंद या डिफंक्ट बोरवेलों में रिचार्ज पिट और सैंड फिल्टर संरचनाएं विकसित करने का निर्णय लिया है। इस कार्य पर 52.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे वर्षा जल का संरक्षण, भूजल स्तर में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को कम करने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से राज्य को चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 6,855 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। यह राशि ग्रामीण रोजगार और आधारभूत विकास कार्यों के लिए अब तक का सबसे बड़ा निवेश मानी जा रही है। योजना के अंतर्गत मजदूरी दर बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है तथा सभी विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की स्वीकृति के आधार पर किया जाएगा, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि योजना के तहत 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और जलवायु अनुकूलन से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। तालाब, चेकडैम, सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, पुस्तकालय, ग्रामीण हाट-बाजार, डेयरी, मत्स्य पालन, कोल्ड स्टोरेज और पशुपालन संबंधी अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन की तैयारियों में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। श्रमिकों की 98 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरी कर राज्य देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि परिसंपत्तियों की 99 प्रतिशत जियो टैगिंग के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग, सामाजिक अंकेक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और समय पर मजदूरी भुगतान के माध्यम से योजना का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, स्वच्छ और विकसित गांवों का निर्माण कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करना है।