कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र में देरी बर्दाश्त नहीं, महापौर मीनल चौबे ने नगर निवेश विभाग को दिए सख्त निर्देश

रायपुर महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम के नगर निवेश विभाग की समीक्षा बैठक में कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र समय पर जारी करने, नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने और बंधक संपत्तियों को पूर्ण विकास के बाद ही मुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनावश्यक देरी और नियमविरुद्ध अनुशंसा पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

Aug 1, 2026 - 13:07
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कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र में देरी बर्दाश्त नहीं, महापौर मीनल चौबे ने नगर निवेश विभाग को दिए सख्त निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम मुख्यालय स्थित नगर निवेश विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर कॉलोनी विकास और पूर्णता प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, समयबद्धता और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र के लिए आने वाले आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। यदि निर्माण नियमानुसार है तो निर्धारित समय सीमा में प्रमाण पत्र जारी किया जाए, अन्यथा कमियों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए आवेदन निरस्त किया जाए।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कॉलोनी निर्माण के दौरान नियमित रूप से साइट निरीक्षण किया जाए, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्वीकृत मानकों का समय रहते परीक्षण हो सके। उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद उत्पन्न होने वाली समस्याओं से बचने के लिए प्रारंभिक स्तर से ही निगरानी आवश्यक है।

बैठक में महापौर ने कॉलोनाइजरों को कॉलोनी विकास अनुमति जारी करने की प्रक्रिया पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी अनुमति का आवेदन नियमानुसार प्राप्त करने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए तथा निर्धारित नियमों के अनुसार 12.50 प्रतिशत भूमि को बंधक (मार्गेज) रखने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कॉलोनी विकास की अनुमति दी जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बंधक संपत्ति को चरणबद्ध या आंशिक रूप से मुक्त करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से बंद की जाए। संपूर्ण विकास कार्य पूरा होने और सभी शर्तों के पालन के बाद ही बंधक संपत्ति मुक्त की जाए।

महापौर मीनल चौबे ने कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र के आवेदनों पर अधिकतम दो माह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि आवेदन सभी नियमों और मानकों के अनुरूप है तो उसे समय पर स्वीकृत किया जाए। वहीं यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसका स्पष्ट उल्लेख करते हुए कारण सहित आवेदन निरस्त किया जाए, ताकि आवेदक को स्थिति की पूरी जानकारी मिल सके और अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने।

उन्होंने नगर निगम के विभिन्न जोनों से आने वाली अनुशंसाओं की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि यदि किसी जोन द्वारा भेजी गई कॉलोनी पूर्णता प्रमाण पत्र संबंधी अनुशंसा नियमों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो संबंधित जोन कमिश्नर और नगर निवेश अभियंताओं को निगम अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। उनसे लिखित स्पष्टीकरण प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में नगर निवेश विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को नागरिकों के हित में पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए। महापौर ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना और सभी प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप सरल एवं प्रभावी बनाना है।

बैठक में अपर आयुक्त (नगर निवेश) पंकज के शर्मा, नगर निवेशक आभास मिश्रा, सहायक नगर निवेशक एवं कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नितिश झा, उप अभियंता सोहन गुप्ता तथा अमित सरकार सहित नगर निवेश विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में महापौर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कॉलोनी विकास से जुड़े प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें।