मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को इलाज के लिए भेजा गया मानसिक चिकित्सालय
कबीरधाम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को उपचार के लिए राज्य मानसिक चिकित्सालय सेन्दरी बिलासपुर भेजा गया। निःशुल्क विधिक सहायता, पुलिस और न्यायालय की त्वरित कार्रवाई के बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को उपचार के लिए राज्य मानसिक चिकित्सालय सेन्दरी बिलासपुर भेजा गया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत की गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरबनाकला निवासी और “नई चमक रक्तदान एवं जनकल्याण समिति” के अध्यक्ष हरिश कुमार साहू ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रबंध कार्यालय में पहुंचकर मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति के समुचित इलाज के लिए निःशुल्क विधिक सलाह और सहायता की मांग की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक प्रक्रिया शुरू की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार प्रबंध कार्यालय में कार्यरत प्रतिधारक अधिवक्ता केपी तिवारी ने मामले में अग्रिम कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली कवर्धा में सूचना देने के लिए आवेदन और आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए। मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति के उपचार और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए थाना कवर्धा के नाम से आवेदन और सूचना पत्र प्रस्तुत किया गया।
थाना प्रभारी द्वारा सूचना प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की गई। पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय कवर्धा के समक्ष पेश किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने मानसिक रोगी को उपचार के लिए राज्य मानसिक चिकित्सालय सेन्दरी बिलासपुर भेजने का आदेश जारी किया।
न्यायालय के आदेश के बाद संबंधित व्यक्ति को राज्य मानसिक चिकित्सालय सेन्दरी बिलासपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार शुरू कर दिया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल को मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जरूरतमंद और बेसहारा मानसिक रोगियों को समय पर उपचार और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि समाज में कई ऐसे लोग हैं जो मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन जागरूकता और संसाधनों की कमी के कारण उन्हें उचित इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे मामलों में विधिक सेवा प्राधिकरण न केवल कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है, बल्कि प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वय से उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित करता है।
इस पूरी प्रक्रिया में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव Aman Tigga और पीएलवी सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल सकेगी।