मनोज सिंह ठाकुर का केंद्र सरकार पर हमला: बांग्लादेश में हिंदू नरसंहार पर चुप्पी शर्मनाक
छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता और पूर्व सदस्य मनोज सिंह ठाकुर ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों और केंद्र की मोदी सरकार की चुप्पी को मानवता पर कलंक बताया। उन्होंने तत्काल संवैधानिक और कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर जारी जघन्य अत्याचारों और केंद्र की मोदी सरकार की चुप्पी पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
ठाकुर ने कहा कि जो सरकार खुद को “हिंदू रक्षक” बताती है, आज वह पड़ोसी देश में हो रहे हिंदुओं के कत्लेआम पर मूकदर्शक बनी हुई है, जो बेहद दुखद और शर्मनाक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "आज बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों को चुन-चुनकर मारा जा रहा है, उन्हें जिंदा जलाया जा रहा है और उनकी संपत्ति लूटी जा रही है। 3 जनवरी को खोकन चंद्र दास जैसी बर्बर हत्या की खबर ने पूरी दुनिया को हिला दिया। लेकिन 56 इंच का सीना दिखाने वाली भाजपा सरकार की जुबान पर ताला लगा हुआ है। क्या दिल्ली की सत्ता के लिए निर्दोषों का खून कोई मायने नहीं रखता?"
अधिवक्ता ठाकुर ने भाजपा के राष्ट्रीयवाद पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह केवल चुनावी रैलियों और वोट बैंक तक सीमित रह गया है। उन्होंने पूछा, "प्रधानमंत्री मोदी जी, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपके द्वारा दिए जाने वाले उपदेश आज कहाँ खो गए हैं? जब पड़ोसी देश में मानवता को पेट्रोल डालकर जलाया जा रहा है, तब आपकी कूटनीति इतनी बेबस क्यों है?"
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “अन्याय सहना भी अपराध है”, और केंद्र सरकार से मांग की कि वह तुरंत अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाकर इस नरसंहार को रोकने के लिए सख्त संवैधानिक और कूटनीतिक कदम उठाए। ठाकुर ने चेताया कि यदि सरकार अब भी नहीं जागी, तो इतिहास उसे “हिंदुओं के इस नरसंहार का मौन अपराधी” के रूप में याद करेगा।