महिला आरक्षण पर भाजपा पर कांग्रेस का हमला, तत्काल लागू करने की मांग तेज
मनेंद्रगढ़ में कांग्रेस की प्रेस वार्ता में महिला आरक्षण को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए। नेताओं ने इसे तुरंत लागू करने की मांग करते हुए देरी को महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र शुक्ला, मनेंद्रगढ़ l मनेंद्रगढ़ में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए तीखा विरोध दर्ज किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है और इसे लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने के बजाय परिसीमन से जोड़कर इसे टालना चाहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में नई जनगणना प्रस्तावित है, तो पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करने की क्या जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस शुरू से ही महिला आरक्षण की समर्थक रही है और इसे बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को राजनीतिक अधिकार देने में कांग्रेस का इतिहास मजबूत रहा है। उन्होंने बताया कि पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं को आरक्षण दिलाने का काम कांग्रेस सरकारों ने किया है, जबकि भाजपा इस मुद्दे का केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है।
जिला महामंत्री पूनम सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में हो रही देरी महिलाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार चाहे तो वर्तमान सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू किया जा सकता है।
महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रूमा चटर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर केवल दिखावा किया जा रहा है और परिसीमन का बहाना बनाकर इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर इस मुद्दे को जटिल बनाकर जनता को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़कों से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी।
ग्रामीण अध्यक्ष रामनरेश पटेल ने ग्रामीण महिलाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि गांव स्तर पर महिलाएं आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। ऐसे में महिला आरक्षण को टालना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी और महामंत्री रफीक मेमन ने भी भाजपा सरकार की नीतियों को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि एक ओर महिला सशक्तिकरण की बात की जाती है, जबकि दूसरी ओर आरक्षण लागू करने में देरी की जा रही है।
प्रेस वार्ता में बलबीर सिंह, चुनूं त्रिपाठी और सुरेंद्र पाल मखीजा सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि महिला आरक्षण को लेकर किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है और यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो कांग्रेस जनआंदोलन तेज करेगी।
कुल मिलाकर, यह प्रेस वार्ता महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और टकराव का संकेत देती है, जो आने वाले समय में और तेज हो सकता है।