मलेरिया पर निर्णायक प्रहार जारी, एक भी मृत्यु न हो यही हमारा लक्ष्य : श्याम बिहारी जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार मलेरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चला रही है और एक भी मृत्यु न हो, यही लक्ष्य है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34.29 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही एनॉलॉग पनीर पर प्रभावी प्रतिबंध और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी गई।

Jul 30, 2026 - 16:54
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मलेरिया पर निर्णायक प्रहार जारी, एक भी मृत्यु न हो यही हमारा लक्ष्य : श्याम बिहारी जायसवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे लाखों लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं और उपचार उपलब्ध कराया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34.29 लाख से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया गया। इसके अलावा 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 10,938 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हाल के दिनों में मलेरिया के कुछ मामले सामने आए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम और मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही सरकार और स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए समय पर जांच, त्वरित उपचार, लगातार निगरानी और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि लगातार प्रयासों के कारण बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं प्रदेश का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है, जो मलेरिया नियंत्रण की दिशा में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, हाई रिस्क गर्भावस्थाओं की पहचान और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस संचालित की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक लोगों को समय पर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे दुर्घटना, प्रसूति और अन्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता मिल सकी।

स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के तहत HLL Lifecare Limited के सहयोग से प्रदेश के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होंगे और युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा पर भी सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।