मगरलोड में PMFME कार्यशाला सफल: 14 हितग्राहियों को मिली स्वीकृति, स्वरोजगार को बढ़ावा
मगरलोड में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें 14 हितग्राहियों के आवेदन स्वीकृत किए गए। इससे ग्रामीण युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l मगरलोड में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत स्तर पर आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और किसानों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों, युवाओं और संभावित उद्यमियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को PMFME योजना के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 35 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे छोटे स्तर पर खाद्य उद्योग स्थापित करना आसान हो जाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने फूड प्रोसेसिंग से जुड़े विभिन्न व्यवसायों—जैसे मसाला निर्माण, फल-सब्जी प्रसंस्करण, डेयरी उत्पाद, अचार, पापड़ और अन्य घरेलू उद्योग—की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर बेहतर आय के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर जनपद पंचायत सीईओ दिव्या ठाकुर, उद्योग विभाग की प्रबंधक प्रचेता किरण तथा डीआरपी डॉ. संदीप मेश्राम सहित कृषि, उद्यानिकी और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर प्रतिभागियों को योजना का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि इसमें कुल 14 हितग्राहियों के आवेदन स्वीकृत किए गए। इससे इन लाभार्थियों को शीघ्र ही वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे वे अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि PMFME योजना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक साबित हो रही है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं को बाजार भी मिलेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझाया गया। उपस्थित किसानों और युवाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं उन्हें नए अवसरों के प्रति जागरूक करती हैं।
कुल मिलाकर, मगरलोड में आयोजित यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुई है। आने वाले समय में इससे क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की उम्मीद है।