लोक आयोग ने शिक्षा सचिव को जारी किया समन, प्राइवेट स्कूलों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच तेज

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी की शिकायत पर लोक आयोग ने शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी को समन जारी किया है। प्राइवेट स्कूल संचालकों से मिलीभगत और रिश्वतखोरी के आरोपों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। लोक आयोग के आदेश के बावजूद जांच रिपोर्ट प्रस्तुत न करने को लेकर तिवारी ने सचिव परदेसी पर अवमानना और स्कूल शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुँचाने के आरोप लगाए।

Nov 27, 2025 - 12:09
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लोक आयोग ने शिक्षा सचिव को जारी किया समन, प्राइवेट स्कूलों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच तेज

 UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह,रायपुर |  लोक आयोग ने शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी को समन जारी करते हुए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने प्राइवेट स्कूल संचालकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए मार्च 2025 में लोक आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।

इस शिकायत में तत्कालीन संयुक्त संचालक राकेश पांडे, हिमांशु भारतीय, विजय खंडेलवाल सहित कई अधिकारियों पर सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का दुरुपयोग करने तथा गैर-मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को संरक्षण देने के आरोप शामिल हैं। लोक आयोग ने इस मामले में जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, लेकिन विकास तिवारी के अनुसार शिक्षा सचिव परदेशी ने न तो जांच दल गठित किया और न ही आयोग को किसी प्रकार की रिपोर्ट भेजी, जिसे लेकर उन पर अवमानना के आरोप लगाए जा रहे हैं।

विकास तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि कृष्णा पब्लिक स्कूल समूह सहित कई संस्थाओं द्वारा रायपुर और प्रदेश में दो दर्जन से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त और फर्जी सीबीएसई स्कूलों का संचालन किया जा रहा है, जिसमें गरीब और वंचित छात्रों को निःशुल्क शिक्षा के अधिकार (आरटीई) से वंचित किया जा रहा है। तिवारी का कहना है कि इन स्कूलों में अवैध रूप से करोड़ों रुपये की फीस वसूली की जा रही है, जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारी संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता लगातार गिर रही है और शिक्षा सचिव के नेतृत्व में राज्य देश के 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 35वें स्थान पर पहुँच गया है। तिवारी ने कहा कि हाईकोर्ट ने भी पूर्व में शिक्षा सचिव के रवैये पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि राज्य में फुटपाथ पर दुकान लगाने वाला भी नर्सरी स्कूल चला रहा है, जबकि बड़े प्राइवेट स्कूल संचालक बिना रोकटोक काम कर रहे हैं।

विकास तिवारी ने मांग की है कि लोक आयोग के निर्देशों का तत्काल पालन करते हुए दोषी अधिकारियों और प्राइवेट स्कूल संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि छात्रों और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा हो सके और शिक्षा व्यवस्था को सुधार की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके