सत्ता परिवर्तन या फिर वही चेहरा? तुरकारी पारा में रेखा गुप्ता के कार्यकाल पर जनता की मिली-जुली राय

खैरागढ़ नगर पालिका चुनाव 2026 को लेकर वार्ड नंबर 8 तुरकारी पारा में सियासी हलचल बढ़ने लगी है। ‘पार्षद का रिपोर्ट कार्ड’ के दौरान वार्डवासियों ने पार्षद रेखा गुप्ता के कार्यकाल को लेकर अलग-अलग राय रखी। कुछ लोगों ने राम लला दर्शन योजना और समस्याओं के समाधान के लिए उनकी सराहना की, वहीं कुछ वार्डवासियों ने सफाई, सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। रेखा गुप्ता ने अपने कार्यकाल में 15 से अधिक पीएम आवास और सड़क-नाली निर्माण को उपलब्धि बताया है। नगर पालिका अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के चलते उनकी अध्यक्ष पद की संभावित दावेदारी भी चर्चा में है।

Sep 3, 2026 - 09:30
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सत्ता परिवर्तन या फिर वही चेहरा? तुरकारी पारा में रेखा गुप्ता के कार्यकाल पर जनता की मिली-जुली राय

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l खैरागढ़ नगर पालिका चुनाव 2026 की उल्टी गिनती शुरू होने के साथ ही शहर के 20 वार्डों में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच ‘पार्षद का रिपोर्ट कार्ड’ के तहत हमारी टीम वार्ड नंबर 8 तुरकारी पारा पहुंची, जहां वर्तमान पार्षद रेखा गुप्ता के कार्यकाल को लेकर वार्डवासियों की मिली-जुली राय सामने आई। एक ओर जहां कुछ लोगों ने पार्षद की पहुंच और व्यक्तिगत व्यवहार की तारीफ की, वहीं दूसरी ओर कुछ निवासियों ने वार्ड की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर सवाल उठाए। ऐसे में चुनाव से पहले इस वार्ड की सियासी तस्वीर काफी दिलचस्प नजर आ रही है।

वार्ड नंबर 8 तुरकारी पारा का प्रतिनिधित्व रेखा गुप्ता कर रही हैं। वह भाजपा के वरिष्ठ नेता विकेश गुप्ता की पत्नी हैं। वार्ड में उनके समर्थक वर्ग का कहना है कि पार्षद ने लोगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रयास किया है। खासतौर पर बुजुर्गों ने राज्य सरकार की राम लला दर्शन योजना के तहत अयोध्या धाम के दर्शन कराने को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कुछ बुजुर्गों के अनुसार, धार्मिक यात्रा का यह अवसर उनके लिए यादगार रहा। वहीं महिलाओं के एक वर्ग ने रेखा गुप्ता के व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि वह उनके साथ बड़ी बहन की तरह जुड़ती हैं और समस्याओं को सुनकर समाधान कराने का प्रयास करती हैं।

हालांकि वार्ड में पार्षद के कामकाज को लेकर असहमति रखने वाले लोग भी हैं। कुछ असंतुष्ट वार्डवासियों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में पार्षद की सक्रियता अपेक्षाकृत कम रही। इन लोगों ने नालियों और सड़कों की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि स्ट्रीट लाइट की मांग के बावजूद पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं की गई और पूरे इलाके में महज एक लाइट लगाए जाने से समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हुआ। इन शिकायतों के चलते वार्ड में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बहस बनी हुई है।

वार्डवासियों की इन शिकायतों पर रेखा गुप्ता का पक्ष भी सामने आया है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी के साथ वह गृहणी की भूमिका भी निभाती हैं और व्यस्तता के समय उनके पति विकेश गुप्ता वार्ड की जिम्मेदारियां संभालते हैं। रेखा गुप्ता ने अपने कार्यकाल के दौरान 15 से अधिक प्रधानमंत्री आवास से जुड़े कार्यों के साथ सड़क और नाली निर्माण को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में बताया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि वह आगामी नगर पालिका चुनाव में दोबारा मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।

खैरागढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने की वजह से रेखा गुप्ता की अध्यक्ष पद को लेकर संभावित दावेदारी भी स्थानीय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि अंतिम फैसला संबंधित राजनीतिक दल के संगठन और चुनावी समीकरणों पर निर्भर करेगा। भाजपा के लिए अपने प्रभावशाली स्थानीय राजनीतिक परिवार के चेहरे को आगे बढ़ाना एक विकल्प हो सकता है, जबकि कांग्रेस के सामने इस वार्ड में मजबूत प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाने की रणनीति तैयार करने की जरूरत होगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा आगामी चुनाव में रेखा गुप्ता पर फिर भरोसा जताती है या कोई नया चेहरा सामने लाती है। दूसरी ओर कांग्रेस किस प्रत्याशी के जरिए मुकाबले को धार देती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। अंततः तुरकारी पारा की जनता विकास कार्यों, उपलब्ध सुविधाओं और स्थानीय समस्याओं के आधार पर किसे अपना समर्थन देती है, इसका फैसला चुनाव के नतीजों से ही सामने आएगा।