कौड़िया एनीकट में 43 घंटे बाद मिला 16 वर्षीय हरिशंकर का शव, झाड़ियों में फंसा मिला

महासमुंद जिले के पिथौरा क्षेत्र के ग्राम कौड़िया स्थित जोक नदी एनीकट में रविवार को तेज बहाव में बहे 16 वर्षीय हरिशंकर ठाकुर का शव करीब 43 घंटे बाद मंगलवार सुबह घटनास्थल से लगभग 50 मीटर दूर झाड़ियों में मिला। जिला आपदा बचाव दल और ग्रामीणों ने दो दिनों तक सघन तलाश अभियान चलाया था। शव मिलने के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

Aug 11, 2026 - 13:02
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कौड़िया एनीकट में 43 घंटे बाद मिला 16 वर्षीय हरिशंकर का शव, झाड़ियों में फंसा मिला

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l पिथौरा क्षेत्र के ग्राम कौड़िया स्थित जोक नदी के एनीकट में रविवार दोपहर तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हुए 16 वर्षीय हरिशंकर ठाकुर का शव करीब 43 घंटे की तलाश के बाद मंगलवार सुबह बरामद हुआ। शव घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर अर्जुन पेड़ के पास झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे ग्राम कौड़िया निवासी पांच युवक जोक नदी के एनीकट में नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान हरिशंकर ठाकुर और अजित बरिहा पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। दोनों को बहता देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की।

एनीकट के पास काम कर रहे चैन माउंटेन मशीन के चालक ने तत्परता दिखाते हुए बांस की मदद से अजित बरिहा को पानी से बाहर निकाल लिया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा ले जाया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य बताई गई। वहीं हरिशंकर तेज बहाव में बह गया और काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चल सका।

दो दिन चला सघन तलाश अभियान

हरिशंकर के लापता होने के बाद रविवार शाम से ही उसकी तलाश शुरू कर दी गई थी। सोमवार को जिला आपदा बचाव दल ने इलेक्ट्रॉनिक बोट की मदद से नदी के गहरे हिस्सों, एनीकट के आसपास और संभावित बहाव वाले क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया।

नदी में पानी का तेज बहाव और गहराई होने के कारण बचाव दल को तलाश के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। टीम ने संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की, लेकिन सोमवार देर शाम तक हरिशंकर का कोई सुराग नहीं मिल सका। इस दौरान परिजन और ग्रामीण भी नदी किनारे डटे रहे।

पानी कम हुआ तो झाड़ियों में दिखा शव

मंगलवार सुबह नदी का जलस्तर कुछ कम होने के बाद ग्रामीणों ने एनीकट के आसपास फिर तलाश शुरू की। इसी दौरान घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर अर्जुन पेड़ के पास झाड़ियों में कुछ फंसा हुआ दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर वहां हरिशंकर का शव मिला।

ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालने की कार्रवाई की। शव मिलने की खबर परिजनों तक पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया।

उम्मीद के 43 घंटे बाद दुखद अंत

हरिशंकर के नदी में बहने के बाद से उसके परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। बचाव दल की गतिविधियों पर उनकी निगाहें टिकी थीं और उन्हें लगातार उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद थी। करीब 43 घंटे बाद शव मिलने से परिवार की यह उम्मीद दुखद रूप से खत्म हो गई।

रविवार को नदी किनारे नहाने पहुंचे युवकों के लिए सामान्य दिन कुछ ही देर में हादसे में बदल गया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने नदी और एनीकट में तेज बहाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।