नारायणपुर: संदिग्ध कब्र से निकला काले कुत्ते का शव, 15 दिन की दहशत के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
नारायणपुर जिले में मेरोली नदी के पास बनी एक संदिग्ध कब्र ने ग्रामीणों को करीब 15 दिनों तक दहशत में रखा। हत्या और तंत्र-मंत्र की आशंकाओं के बीच पुलिस व प्रशासन की संयुक्त जांच में कब्र से किसी इंसान का नहीं बल्कि एक काले कुत्ते का शव बरामद हुआ, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर | जिले से एक अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीणों को करीब 15 दिनों तक दहशत में रखा। जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर मेरोली नदी के पास बनी एक संदिग्ध कब्र को लेकर इलाके में तरह-तरह की अफवाहें फैलती रहीं। ग्रामीणों को आशंका थी कि यहां किसी व्यक्ति की हत्या कर शव को दफनाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, नदी किनारे बनी इस कब्र पर फूल, माला, दीपक, सिक्के और पूजा सामग्री पाई गई थी। इन परिस्थितियों ने मामले को और भी रहस्यमय बना दिया था। पूजा सामग्री मिलने के कारण लोगों में तंत्र-मंत्र या किसी गंभीर अपराध की आशंका गहराने लगी। धीरे-धीरे यह चर्चा गांव से निकलकर आसपास के इलाकों में भी तेजी से फैल गई, जिससे भय का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बोरपाल के सरपंच परमानंद नाग ने ऐड़का थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के लिए पुलिस, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कार्यपालन मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में संदिग्ध कब्र को विधिवत रूप से खोला गया।
जांच के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। कब्र से किसी इंसान का नहीं बल्कि एक काले कुत्ते का शव बरामद हुआ। यह स्पष्ट होते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में किसी तरह की आपराधिक घटना के संकेत नहीं मिले हैं और यह मानव हत्या का मामला नहीं है।
हालांकि, कुत्ते को कब्र में दफनाने और पूजा सामग्री रखने के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है, ताकि किसी अंधविश्वास या अवैध गतिविधि की पुष्टि की जा सके। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अफवाहें और अंधविश्वास किस तरह पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर सकते हैं। समय पर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से मामला स्पष्ट हुआ और ग्रामीणों में फैली दहशत खत्म हुई।