सहज धान खरीदी व्यवस्था से किसान संतोष रात्रे को मिला लाभ, समय पर भुगतान से बढ़ी आमदनी
कबीरधाम जिले में सरल और सुव्यवस्थित धान खरीदी व्यवस्था का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। ग्राम लिमो निवासी किसान संतोष रात्रे ने बिना किसी परेशानी के 78.20 क्विंटल धान बेचा। समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाओं से किसानों की आमदनी बढ़ी है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले में इस वर्ष धान खरीदी की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और किसान-हितैषी साबित हो रही है। राज्य शासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है, जिससे वे निश्चिंत होकर अपना धान उपार्जन केंद्रों में बेच पा रहे हैं। ग्राम लिमो निवासी किसान संतोष कुमार रात्रे इसका सशक्त उदाहरण हैं, जिन्होंने कवर्धा स्थित धान खरीदी केंद्र में सहजता से धान विक्रय किया।
किसान संतोष रात्रे के पास लगभग 3.80 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें उन्होंने इस वर्ष धान की खेती की। वे बताते हैं कि इस बार समय पर खाद और बीज उपलब्ध होने से खेती बेहतर हुई और फसल की पैदावार भी संतोषजनक रही। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के चलते अब धान की खेती पहले की तुलना में अधिक लाभकारी हो गई है।
इस वर्ष संतोष रात्रे ने 78.20 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र में बेचा। उन्होंने बताया कि धान बेचने की प्रक्रिया बेहद आसान है। टोकन व्यवस्था को सरल बनाया गया है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने ऑफलाइन माध्यम से सीधे खरीदी केंद्र जाकर टोकन प्राप्त किया और निर्धारित तिथि पर बिना किसी अवरोध के अपना धान बेच दिया।
धान खरीदी केंद्र में किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। बारदाना की उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, बैठने की समुचित व्यवस्था, टोकन प्रणाली और माइक्रो एटीएम जैसी सुविधाओं के कारण किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। धान विक्रय के तुरंत बाद भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिल रही है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। धान खरीदी राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। वर्तमान में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सरल व्यवस्था, समय पर भुगतान और पारदर्शी प्रणाली ने किसानों का सरकार पर विश्वास और मजबूत किया है। जिले के किसान अब आत्मविश्वास के साथ खेती कर रहे हैं और शासन की योजनाओं का पूरा लाभ उठा रहे हैं।