जानकारी के अनुसार, 30 जुलाई को हरावती बाई के घर से तेज दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पर दोकड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। तलाशी के दौरान घर के पास निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप रेत में दफन महिला का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को मृतका के पुत्र भूषण राम की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। पुलिस के अनुसार, भूषण राम का पड़ोस में रहने वाली श्यामपति बाई के साथ प्रेम संबंध था। वहीं मृतका और आरोपी पक्ष के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद भी चल रहा था। इसी विवाद और पारिवारिक तनाव ने हत्या की साजिश को जन्म दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाली रात श्यामपति बाई और उसकी मां बुधमती बाई ने मिलकर हरावती बाई का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को घर में ही छिपाकर रखा गया। जब शव से दुर्गंध आने लगी तो तीनों आरोपियों ने मिलकर शव को घर से निकालकर पास के निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के समीप रेत में दफना दिया, ताकि हत्या का राज किसी के सामने न आ सके।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव दफनाने में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए हैं। बरामद साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने श्यामपति बाई (42 वर्ष), बुधमती बाई (65 वर्ष) और भूषण राम (29 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना अभी भी जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
इस कार्रवाई से जशपुर पुलिस ने एक जटिल अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए यह साबित किया कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और लगातार पूछताछ के माध्यम से गंभीर अपराधों का भी सफलतापूर्वक खुलासा किया जा सकता है। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।