कोंडागांव जिला प्रशासन ने शुरू किया ‘हेलमेट बैंक’ अभियान, बिना हेलमेट वालों को सफर से पहले मिलेगी सुरक्षा सुविधा
कोंडागांव जिले में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेंडी और कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के संयुक्त प्रयासों से ‘हेलमेट बैंक’ पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत जिनके पास हेलमेट नहीं है, वे ग्राम पंचायत से हेलमेट लेकर यात्रा कर सकेंगे। यह अभियान सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव । सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोंडागांव जिला प्रशासन ने एक अनोखी पहल ‘हेलमेट बैंक’ की शुरुआत की है। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक सुश्री लता उसेंडी और कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के संयुक्त प्रयासों से यह पहल “जिंदगी का सफर सुरक्षित रखें, हेलमेट जरूर पहनें” थीम पर आरंभ की गई है।
इस अभियान का शुभारंभ ग्राम पंचायत मसौरा में किया गया, जहां कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हेलमेट पहनना केवल नियम नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे सशक्त साधन है। उन्होंने कहा कि परिवार के हर सदस्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति बिना हेलमेट के घर से बाहर न निकले।
कलेक्टर ने कहा कि सुरक्षा के प्रति जागरूकता छोटी शुरुआत से ही संभव है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और जनसामान्य को जिम्मेदारी से यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
‘हेलमेट बैंक’ की व्यवस्था के तहत यदि किसी व्यक्ति के पास हेलमेट नहीं है, तो वह ग्राम पंचायत से हेलमेट लेकर यात्रा कर सकता है और वापसी के बाद उसे वापस जमा करेगा ताकि अन्य लोग भी इसका उपयोग कर सकें।
प्रथम चरण में नेशनल हाईवे 30 के किनारे स्थित पांच ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है — जनपद पंचायत केशकाल अंतर्गत ग्राम मस्सुकोकोड़ा, जनपद पंचायत फरसगांव के ग्राम मांझी आठगांव और लंजोड़ा, तथा जनपद पंचायत कोंडागांव के ग्राम बनियागांव में इस पहल की शुरुआत की गई है। आने वाले दिनों में इसे हाईवे के अन्य पंचायतों तक विस्तार देने की योजना है।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के नेतृत्व में पुलिस और यातायात विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में जनपद पंचायत सदस्य अनिल कोर्राम, सरपंच श्रीमती सुकली बाई मरकाम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश दांडे, डीएसपी सतीश भार्गव, अधिकारीगण और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करेगी, बल्कि यातायात अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को भी समाज में मजबूत करेगी।