स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से चर्चा करते हुए मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि “मरीजों की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर इलाज मिले और आवश्यक दवाइयों तथा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और व्यवस्था को बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचएमओ) डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण किया और विभिन्न वार्डों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि रविवार होने के कारण ओपीडी बंद थी, इसके बावजूद मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
डॉ. खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को देखकर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से आने वाले अवांछनीय तत्वों की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। इसके लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं, जो दो शिफ्टों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और परिसर में निगरानी बनाए रखते हैं।
सीएचएमओ ने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में जब मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होगा, तब अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा, जिससे मरीजों और अस्पताल स्टाफ को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इस दौरान सीएचएमओ डॉ. अविनाश खरे, स्वप्निल तिवारी, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी और अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त हुए |