कमरछठ पर्व पर काली मां मंदिर में पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना
रायपुर के खमतराई स्थित काली मां मंदिर में हलषष्ठी (कमरछठ) के पावन अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना कर सगरी माता और भगवान बलदाऊ का आशीर्वाद लिया गया। इस अवसर पर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के खमतराई स्थित काली मां मंदिर में हलषष्ठी यानी कमरछठ का पावन पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सगरी माता एवं भगवान बलदाऊ का आशीर्वाद प्राप्त किया गया। धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि के लिए मंगलकामनाएं कीं।
हलषष्ठी पर्व छत्तीसगढ़ की लोक आस्था और परंपरा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और सगरी माता तथा भगवान बलदाऊ की पूजा करती हैं। मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर व्रत का पालन किया।
पूजन के दौरान भगवान बलदाऊ और सगरी माता के समक्ष प्रदेश की खुशहाली, परिवारों की समृद्धि और समाज में सुख-शांति की प्रार्थना की गई। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हुए कमरछठ पर्व की परंपराओं का पालन किया और भगवान से सभी के जीवन में मंगल और समृद्धि की कामना की।
हलषष्ठी पर्व को छत्तीसगढ़ में कमरछठ और खमरछठ के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम को समर्पित है और कृषि, मातृत्व तथा लोक संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस दिन हल से जोती गई फसल का सेवन नहीं किया जाता और पारंपरिक प्रसाद के रूप में पसहर चावल तथा विभिन्न प्रकार की भाजियों का विशेष महत्व रहता है।
काली मां मंदिर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने आस्था, परंपरा और सामूहिक श्रद्धा का सुंदर संदेश दिया। कमरछठ के पावन अवसर पर यही मंगलकामना की गई कि यह पर्व समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।