UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, राजनांदगांव l जिले में साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामले में गैंदाटोला पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गुलशन कुमार खोबरागढ़े उर्फ राजा पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए SIM कार्ड एक्टिवेट करवाने, उनकी खरीद-बिक्री करने और ग्रामीणों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक खाते खुलवाने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 18 एक्टिवेटेड SIM कार्ड, 4 ATM या डेबिट कार्ड, दो मोबाइल फोन और बैंक चेकबुक जब्त की है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गैंदाटोला थाना पुलिस के मुताबिक फर्जी तरीके से मोबाइल SIM एक्टिवेट करवाकर उसकी खरीद-बिक्री किए जाने के संबंध में शिकायत मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। वहीं इस प्रकरण में शामिल एक अन्य आरोपी गुलशन कुमार खोबरागढ़े उर्फ राजा घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के दिशा-निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपी के ग्राम होड़ीटोला में मौजूद होने की जानकारी मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी और आरोपी गुलशन कुमार खोबरागढ़े उर्फ राजा को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने फर्जी तरीके से SIM एक्टिवेट करवाने और उनकी खरीद-बिक्री करने से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। पुलिस का आरोप है कि आरोपी अन्य लोगों के साथ मिलकर इस गतिविधि से अवैध लाभ कमाने में शामिल था। जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज हासिल किए जाते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम से SIM कार्ड एक्टिवेट करवाने के साथ बैंक खाते खुलवाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक बाद में इन SIM और बैंक खातों का इस्तेमाल दूसरे लोगों को उपलब्ध कराने तथा आर्थिक लाभ कमाने के लिए किया जाता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 18 एक्टिवेटेड SIM कार्ड, 4 ATM या डेबिट कार्ड और बैंक चेकबुक बरामद की। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अपने नाम पर जारी SIM कार्ड, बैंक खाते और उनसे जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी या दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को न दें। यदि किसी व्यक्ति को अपने नाम पर जारी SIM या बैंक खाते के संदिग्ध इस्तेमाल की जानकारी मिलती है, तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए। गैंदाटोला पुलिस फिलहाल मामले की आगे जांच कर रही है और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े अन्य पहलुओं के साथ ही इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।