मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि विभिन्न योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उन परिवारों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से अनेक महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं और परिवार से जुड़े खर्चों के निर्णय लेने में सहयोग मिला है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, कौशल विकास और उद्यमिता से भी जुड़ रही हैं। महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
मंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ माताओं को आवश्यक जानकारी देने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों की सफलता के लिए परिवार और समुदाय की भागीदारी भी जरूरी है। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ इसी साझा दायित्व की भावना को मजबूत करता है।
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान बच्चों के भोजन, स्वच्छता और पोषण को लेकर संवाद होगा। परिवारों को बच्चों के लिए विविध और पर्याप्त आहार, उनकी वृद्धि पर निगरानी तथा बेहतर देखभाल के महत्व की जानकारी दी जाएगी।
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा भी सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा और उपेक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए परिवार, विद्यालय, पंचायत, आंगनवाड़ी और समुदाय को मिलकर सजग रहना होगा। बच्चों की बात सुनना, उन्हें अधिकारों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता उपलब्ध कराना सुरक्षित बचपन के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का वास्तविक उद्देश्य लोगों तक पहुंचकर उनकी जरूरतों को समझना और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। किसी मां को पोषण की सही जानकारी, किसी महिला को आजीविका का अवसर और किसी बच्चे को सुरक्षित वातावरण मिलना अभियान की सार्थकता को दर्शाएगा। परिवार, समुदाय और शासन के संयुक्त प्रयासों से सशक्त मातृशक्ति तथा सुपोषित और सुरक्षित बचपन के संकल्प को मजबूत करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।