पिरदा की जमीन पर RDA प्रोजेक्ट नहीं लाने का आश्वासन, ग्रामीणों ने जताया आभार

रायपुर विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित कौशल्या विहार विस्तार योजना के लिए चिन्हित पिरदा गांव की जमीन को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों के बाद सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण नहीं करने का आश्वासन दिया गया है। ग्रामीणों ने धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित क्षेत्र में कृषि भूमि के साथ कई मकान भी शामिल थे।

Sep 19, 2026 - 09:14
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पिरदा की जमीन पर RDA प्रोजेक्ट नहीं लाने का आश्वासन, ग्रामीणों ने जताया आभार

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर  सिंह, रायपुर l रायपुर विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित आवासीय योजना के लिए पिरदा गांव की जमीन चिन्हित किए जाने के बाद सामने आई ग्रामीणों की आपत्तियों के बीच सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण नहीं करने का आश्वासन दिया गया है। पिरदा गांव के किसानों और ग्रामीणों ने प्रस्तावित आवासीय परियोजना के लिए अपनी कृषि एवं आवासीय भूमि दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। मामले को लेकर ग्राम सभा में भी ग्रामीणों ने अपनी बात रखी थी। इसके बाद धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने ग्रामीणों की मांग को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी के समक्ष रखा।

दरअसल, रायपुर विकास प्राधिकरण ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत पिरदा गांव की जमीन को कौशल्या विहार कॉलोनी के विस्तार के लिए चिन्हित किया था। अगस्त 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार पिरदा और तुलसी क्षेत्र में लगभग 143 हेक्टेयर जमीन पर नई टाउनशिप की योजना प्रस्तावित थी। योजना में जमीन मालिकों को उनकी भूमि के बदले विकसित भूमि का हिस्सा देने का प्रावधान बताया गया था।

भूमि को लेकर जानकारी सामने आने के बाद पिरदा के किसानों और ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों के अनुसार प्रस्तावित क्षेत्र में उनकी कृषि भूमि शामिल थी और करीब 20 प्रतिशत लोगों के मकान भी चिन्हित क्षेत्र में आते थे। ऐसे में ग्रामीणों ने अपनी जमीन पर आवासीय परियोजना नहीं लाने की मांग रखी। ग्राम सभा के माध्यम से भी ग्रामीणों ने अपनी मंशा स्पष्ट की और इस विषय को स्थानीय विधायक अनुज शर्मा के सामने रखा।

ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद विधायक अनुज शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी से चर्चा कर ग्रामीणों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए। इसके बाद विधायक के नेतृत्व में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मंत्रालय स्थित मंत्री ओपी चौधरी के कार्यालय में मुलाकात की। बैठक में ग्रामीणों ने कृषि भूमि और मकानों से जुड़ी अपनी चिंताओं को सामने रखा।

मंत्री ओपी चौधरी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि यदि वे अपने गांव में आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते हैं, तो उनकी इच्छा के विरुद्ध ऐसी परियोजना नहीं लाई जाएगी। उन्होंने पिरदा गांव की जमीन आरडीए द्वारा नहीं लिए जाने और इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाने की बात कही। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने राहत जताई और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री ओपी चौधरी तथा विधायक अनुज शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।

ग्रामीणों ने विधायक अनुज शर्मा की भूमिका का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उनकी समस्या को शासन के स्तर तक पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार, जमीन उनके लिए केवल संपत्ति नहीं बल्कि खेती और परिवार के भरण-पोषण का आधार है। इसलिए प्रस्तावित परियोजना को लेकर उनकी चिंताएं गंभीर थीं। सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद क्षेत्र में राहत का माहौल है।

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा के साथ सुनील शर्मा, रामनाथ कुर्रे, रवि कुर्रे, संतोष साहू, लक्ष्मी बघेल, विजय साहू, सूरज धृतलहरे, सुरेश साहू, हरीश साहू, खेमलाल बांधे और रविशंकर टंडन सहित अन्य ग्रामीण एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सरकार की ओर से आगे की औपचारिक प्रक्रिया के संबंध में निर्णय और आदेश जारी होने के बाद इस मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।