दुर्ग में प्रॉपर्टी डीलर पर बंदूक की नोक पर जमीन हड़पने का आरोप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर लखन सिंह के खिलाफ जमीन हड़पने, बंदूक की नोक पर दस्तखत कराने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Jul 28, 2026 - 10:47
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दुर्ग में प्रॉपर्टी डीलर पर बंदूक की नोक पर जमीन हड़पने का आरोप, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

UNITED NEWS OF ASIA. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ जमीन से जुड़े विवाद का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता प्रविन्दर सिंह चाने की शिकायत पर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर लखन सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के अनुसार, प्रविन्दर सिंह चाने ने आरोप लगाया है कि लखन सिंह ने उनकी मूल्यवान भूमि को कम कीमत पर अपने पक्ष में कराने के उद्देश्य से उन्हें डराया-धमकाया। शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोपी ने अपने कार्यालय में बुलाकर लाइसेंसी बंदूक दिखाते हुए दबाव बनाया और सरकारी मूल्य पर रजिस्ट्री कराने के लिए मजबूर किया। आरोप है कि बाजार मूल्य की राशि बाद में देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर दबाव में कराए गए।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि दस्तावेजों को पढ़ने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और हस्ताक्षर कराने के बाद रजिस्ट्री की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में मोबाइल कॉल और व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से भी उन्हें लगातार धमकियां दी गईं तथा झूठे मामलों में फंसाने की चेतावनी दी गई।

मामले में अवैध प्लॉटिंग और जमीन संबंधी कथित अनियमितताओं के भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित व्यक्ति बड़े पैमाने पर भूमि के लेन-देन में सक्रिय है तथा राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर कर जमीनों का क्रय-विक्रय किए जाने की आशंका है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।

मोहन नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर क्रमांक 0533 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि मामले के बाद उन्हें लगातार भय का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।

गौरतलब है कि यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। संबंधित पक्ष को भी कानून के अनुसार अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।