धमतरी के युवाओं को AI से जोड़ने की पहल, महाविद्यालयों में आयोजित हुई कार्यशालाएं

धमतरी जिले के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और भविष्य की रोजगारपरक जरूरतों से जोड़ने के लिए जिले के पीजी कॉलेज, गर्ल्स कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज में विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं। करीब 1500 छात्र-छात्राओं ने कार्यशालाओं में हिस्सा लिया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि समय के साथ अपनी स्किल अपडेट करना और नई तकनीकों को सीखना सफलता की कुंजी है। इस दौरान छात्राओं को अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप और विद्यार्थियों को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों व डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म की जानकारी भी दी गई।

Aug 24, 2026 - 08:37
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धमतरी के युवाओं को AI से जोड़ने की पहल, महाविद्यालयों में आयोजित हुई कार्यशालाएं

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l जिले के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, डिजिटल तकनीक और भविष्य की रोजगारपरक आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की पहल पर शुक्रवार को जिले के पीजी कॉलेज, गर्ल्स कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज में विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। कार्यशालाओं में करीब 1500 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की और AI तथा आधुनिक तकनीक के बदलते स्वरूप को समझते हुए इसके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

गर्ल्स कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी दक्षता का है। ऐसे में युवाओं के लिए केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। समय के साथ अपनी स्किल को अपडेट करना और नई तकनीकों को सीखना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी सीखने की निरंतरता बनाए रखते हुए तकनीक को अपने ज्ञान और कौशल का हिस्सा बनाएंगे, उनके लिए भविष्य में रोजगार, स्वरोजगार और नवाचार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप खुद को तैयार करने की आवश्यकता है।

कलेक्टर ने सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, मेहनत, जिज्ञासा और निरंतर सीखने को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि AI का उपयोग पढ़ाई को सरल और प्रभावी बनाने, विषयों की बेहतर समझ विकसित करने, नई जानकारी प्राप्त करने, प्रोजेक्ट तैयार करने और रचनात्मक क्षमताओं को निखारने के लिए किया जा सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का जिम्मेदारीपूर्वक और सकारात्मक उपयोग करने की सीख भी दी। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा जीवन की दिशा बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर नियमित मेहनत करनी चाहिए और बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को लगातार तैयार करते रहना चाहिए। उन्होंने सीखने की क्षमता को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया।

छात्राओं को दी अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप की जानकारी

कार्यशाला के दौरान कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने छात्राओं को अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने पात्र छात्राओं को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। बताया गया कि पात्र छात्राओं को प्रतिवर्ष 30 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिसका उपयोग ट्यूशन फीस सहित शिक्षा से जुड़े अन्य खर्चों के लिए किया जा सकता है।

कलेक्टर ने छात्राओं से छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग अपनी शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करने में करने की अपील की। साथ ही उन्होंने योजना की जानकारी अन्य जरूरतमंद छात्राओं तक पहुंचाने का आग्रह किया।

विद्यार्थियों को इंटरनेट पर उपलब्ध रोजगारपरक ऑनलाइन पाठ्यक्रमों, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और अन्य संसाधनों का उपयोग कर अपने ज्ञान एवं कौशल का निरंतर विस्तार करने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसके अलावा आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र विद्यार्थियों से अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की गई।

इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अरुण वर्मा, महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।