थाना देवेंद्र नगर में ई-मालखाना 2.0 का शुभारंभ, जब्त संपत्तियों का होगा डिजिटल और पारदर्शी प्रबंधन

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए थाना देवेंद्र नगर में ई-मालखाना 2.0 की शुरुआत की है। इस आधुनिक डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से जब्त संपत्तियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड, बारकोड आधारित पहचान, पारदर्शी अभिलेखीकरण और न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए त्वरित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले कोतवाली, गंज और मोदहापारा थाना में भी इस प्रणाली का सफल संचालन शुरू किया जा चुका है।

Jul 24, 2026 - 16:49
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थाना देवेंद्र नगर में ई-मालखाना 2.0 का शुभारंभ, जब्त संपत्तियों का होगा डिजिटल और पारदर्शी प्रबंधन

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने तकनीक आधारित पुलिसिंग और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए थाना देवेंद्र नगर में ई-मालखाना 2.0 का शुभारंभ किया है। इस नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्तियों का आधुनिक, सुव्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से जब्त सामग्री के रख-रखाव, रिकॉर्ड संधारण, सत्यापन और न्यायालयीन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाएगा।

थाना देवेंद्र नगर में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने ई-मालखाना 2.0 का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला, सहायक पुलिस आयुक्त रमाकांत साहू, थाना प्रभारी दीपेश सैनी तथा थाना देवेंद्र नगर के समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने नई डिजिटल व्यवस्था की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और इसके विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ई-मालखाना 2.0 पुलिस विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल है, जिसका उद्देश्य जब्त संपत्तियों के प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाना है। पहले जब्त माल का रिकॉर्ड मुख्य रूप से रजिस्टरों और दस्तावेजों में सुरक्षित रखा जाता था, जिससे जानकारी खोजने और सत्यापन में अधिक समय लगता था। नई प्रणाली लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो जाएगी।

ई-मालखाना 2.0 ऐप के माध्यम से मालखाने में रखी गई प्रत्येक जब्त संपत्ति का संपूर्ण विवरण ऑनलाइन दर्ज किया गया है। इसमें संपत्ति से संबंधित आवश्यक जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखी जाती है, जिससे किसी भी समय रिकॉर्ड तक त्वरित पहुंच संभव हो सके। इस प्रणाली के माध्यम से रिकॉर्ड संधारण में मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी और सभी सूचनाएं व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रहेंगी।

इस नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता बारकोड आधारित पहचान प्रणाली है। प्रत्येक जब्त संपत्ति पर एक विशिष्ट बारकोड लगाया गया है। संबंधित बारकोड को स्कैन करते ही उस संपत्ति से जुड़ी पूरी जानकारी तुरंत स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाती है। इससे पुलिस अधिकारियों को किसी भी जब्त वस्तु की पहचान, सत्यापन और रिकॉर्ड देखने में समय की बचत होगी तथा कार्य अधिक सटीक और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगा।

ई-मालखाना 2.0 के माध्यम से जब्त माल की खोज, रिकॉर्ड संधारण, सत्यापन और न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में भी काफी सुविधा मिलेगी। न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों और जब्त संपत्तियों का विवरण आसानी से उपलब्ध होने से न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी। इससे पुलिस विभाग की कार्यक्षमता में वृद्धि होने के साथ-साथ जवाबदेही और पारदर्शिता भी मजबूत होगी।

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने स्पष्ट किया है कि तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से सभी थाना क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से ई-मालखाना व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे पुलिस प्रशासन के विभिन्न कार्यों में डिजिटल तकनीक का अधिक उपयोग सुनिश्चित होगा और नागरिकों को भी बेहतर एवं अधिक पारदर्शी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

उल्लेखनीय है कि थाना देवेंद्र नगर से पहले थाना कोतवाली, थाना गंज और थाना मोदहापारा में भी ई-मालखाना प्रणाली का सफल शुभारंभ किया जा चुका है। इन थाना क्षेत्रों में डिजिटल व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अब इसे अन्य थानों में भी क्रमबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। पुलिस विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में कमिश्नरेट के सभी थाना क्षेत्रों में यह आधुनिक प्रणाली पूरी तरह लागू हो जाए।

अधिकारियों के अनुसार ई-मालखाना 2.0 लागू होने से जब्त संपत्तियों के रख-रखाव, अभिलेखीकरण और निगरानी की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से किसी भी जब्त सामग्री की स्थिति, स्थान और विवरण कुछ ही सेकंड में प्राप्त किया जा सकेगा। इससे कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

नई प्रणाली पुलिस विभाग में जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। प्रत्येक जब्त संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड और बारकोड आधारित निगरानी व्यवस्था होने से रिकॉर्ड में किसी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रम की संभावना काफी कम हो जाएगी। इससे पुलिस अधिकारियों के लिए संपत्तियों का प्रबंधन अधिक आसान और सुरक्षित बनेगा।

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर लगातार स्मार्ट पुलिसिंग और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। ई-मालखाना 2.0 उसी प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और कुशल बनेगी, बल्कि न्यायालयीन प्रक्रिया में भी तेजी आएगी और जब्त संपत्तियों का प्रबंधन अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय होगा।

तकनीक आधारित इस पहल के माध्यम से पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने यह संदेश दिया है कि आधुनिक संसाधनों और डिजिटल नवाचारों के उपयोग से पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और नागरिकों के प्रति विश्वासपूर्ण बनाया जा सकता है। आने वाले समय में सभी थाना क्षेत्रों में ई-मालखाना व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस विभाग के रिकॉर्ड प्रबंधन और जब्त संपत्तियों की निगरानी प्रणाली में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति, पारदर्शिता और दक्षता तीनों को नई मजबूती मिलेगी।