रायपुर: अमलीडीह शासकीय विद्यालय में यातायात नियमों और साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम, 300 विद्यार्थियों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की यातायात पुलिस और थाना न्यू राजेंद्र नगर द्वारा अमलीडीह स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में यातायात नियमों एवं साइबर सुरक्षा पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, गुड सेमेरिटन योजना, mParivahan ऐप, ई-चालान, AI ट्रैफिक कैमरे, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के कानूनी प्रावधान तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की यातायात पुलिस एवं थाना न्यू राजेंद्र नगर द्वारा विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा, कानून के प्रति जागरूकता और साइबर अपराधों से बचाव की समझ विकसित करने के उद्देश्य से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अमलीडीह में यातायात नियमों एवं साइबर सुरक्षा विषय पर एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस उपायुक्त यातायात डॉ. अर्चना झा के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 300 छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में अपनी भूमिका समझाने तथा डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क रहने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की और विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसीपी ट्रैफिक सीमा अहिरवार ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा का महत्व समझाते हुए कहा कि "नियमों का पालन ही सच्ची देशभक्ति है, सुरक्षित बच्चे ही राष्ट्र की शक्ति हैं।" उन्होंने कहा कि सड़क पर यातायात नियमों का पालन करना कोई विकल्प नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि सभी लोग नियमों का ईमानदारी से पालन करें तो अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री राहत कोष तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता से संबंधित गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए 1,50,000 रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही किसी घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिक को कानूनी संरक्षण और प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाता है, ताकि लोग बिना किसी डर के दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों की मदद कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक यातायात व्यवस्था से भी परिचित कराया गया। उन्हें mParivahan ऐप, ई-चालान भुगतान प्रणाली, शहर में लगाए गए विभिन्न प्रकार के सीसीटीवी कैमरों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक कैमरों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने समझाया कि इन तकनीकों का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
एसीपी ट्रैफिक सीमा अहिरवार ने विशेष रूप से नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से स्पष्ट कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में मोटर वाहन नहीं चलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मोटरयान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो वाहन स्वामी और अभिभावक के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इससे न केवल आर्थिक दंड बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों और उनके परिजनों से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय और पीछे बैठने पर भी आईएसआई मानक हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। इसके अलावा यातायात संकेतों का पालन करने, तेज गति से वाहन नहीं चलाने, लापरवाही से ड्राइविंग से बचने तथा बुलेट और अन्य वाहनों में अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग नहीं करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे साइलेंसर ध्वनि प्रदूषण फैलाने के साथ-साथ कानून का उल्लंघन भी हैं और इनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी न्यू राजेंद्र नगर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने साइबर सुरक्षा विषय पर विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि साइबर अपराधी लोगों को फर्जी लिंक, नकली वेबसाइट, सोशल मीडिया संदेश, ईमेल और फोन कॉल के माध्यम से ठगने का प्रयास करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, फर्जी ऑनलाइन ऑफर से बचने तथा साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें तथा नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य एंथोनी ने रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में कानून के प्रति सम्मान, जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना तथा सुरक्षित सड़क और डिजिटल व्यवहार विकसित करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का स्वागत करेगा।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तथा लगभग 300 छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों को गंभीरता से सुना तथा उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, सुरक्षित वाहन चलाने और साइबर अपराधों से सतर्क रहने के लिए जागरूक करेंगे।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का यह अभियान केवल विद्यार्थियों को जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी था। यातायात सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए उपयोगी, प्रेरणादायक और जागरूकता बढ़ाने वाला साबित हुआ।